जियो प्लेटफॉर्म में टीपीजी ने किया 4,546.80 करोड़ रुपए का निवेश, कुल निवेश 1.02 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा

  • टीपीजी दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक है। 1992 में स्थापित इस कंपनी का एयूएम 79 अरब डॉलर है
  • टीपीजी को 4546.80 करोड़ रुपए की तुलना में जियो प्लेटफॉर्म में 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी मिली है

दैनिक भास्कर

Jun 13, 2020, 09:11 PM IST

मुंबई. अमेरिका की ग्लोबल अल्टरनेटिव असेट फर्म टीपीजी ने जियो प्लेटफॉर्म में 4,546.80 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह निवेश इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपए और इंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपए पर हुआ है। इसके बदले में टीपीजी को 0.93 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। इस निवेश के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म में अब कुल निवेश एक लाख 2 हजार 432 करोड़ रुपए का हो गया है। यह सभी विदेश की प्राइवेट इक्विटी कंपनियां हैं।

फेसबुक से शुरू हुआ था निवेश

जिन कंपनियों को अब तक जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी बेची गई उसमें फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबादला, एडीआईए और आज को मिलाकर टीपीजी का समावेश है। यह निवेश 22 अप्रैल से शुरू हुआ जिसमें फेसबुक ने 9.99 प्रतिशत के साथ सबसे पहले और सबसे ज्यादा हिस्सेदारी को खरीदकर शुरुआत की। टीपीजी की स्थापना 1992 में हुई थी और इसका एयूएम 79 अरब डॉलर है। बता दें कि टीपीजी उबर, एयरबीएनबी और सर्वेमंकी विश्व की टॉप टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेशक हैं। टीपीजी की पिछले कुछ हफ्तों से बातचीत हो रही थी।

8 सौदों से जियो को मिला था 97,885 करोड़ रुपए

सात हफ्तों में आठ ट्रांजैक्शन के जरिए 21 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 97,885.65 करोड़ रुपए जियो ने जुटाया था। शनिवार को इसको नौवां निवेशक टीपीजी मिला। जियो के पास 38.8 करोड़ ग्राहक हैं। टेलीकॉम बिजनेस अब आरआईएल का विकास इंजन बन गया है। यह समूह के तेजी से बढ़ते खुदरा कारोबार के साथ-साथ तेल और पेट्रोकेमिकल्स में हुई गिरावट की भरपाई करने में मदद कर रहा है। फेसबुक और केकेआर जैसे फंड्स के अलावा मुबादला और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) जैसे मिडिल-ईस्टर्न सॉवरेन फंड्स भी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किए हैं।

जियो प्लेटफॉर्म की वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपए

जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपए है। सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (पीआईएफ) भी जियो प्लेटफॉर्म्स के साथ 1.5 बिलियन डॉलर निवेश के लिए लगा हुआ है। इस साल फरवरी में, टीपीजी कैपिटल एशिया VII ने 4.6 बिलियन डॉलर की राशि जुटाई थी। भारत में टीपीजी ने वित्तीय सेवाओं, रिटेल और फार्मा जैसे क्षेत्रों में 2 अरब डॉलर से का निवेश किया है।

जियो में 9 प्रतिशत और हिस्सेदारी बिक सकती है

जियो में निवेश को लेकर पिछले 5-6 हफ्तों में टीपीजी से बातचीत का दौर और तेज हो गया था। अप्रैल में टीपीजी ने महामारी के दौरान अपना पहला सौदा किया था जब इसने सस्ती हेल्थ सर्विसे प्रोवाइडर LifeStance Health Inc में ज्यादा हिस्सेदारी खरीदी थी। पहले से ही 21 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी जियो में बिकने के बाद मुकेश अंबानी 9 प्रतिशत और हिस्सेदारी बेच सकते हैं।