जब अन्य निवेशक सुरक्षित शेयर में दांव लगा रहे थे, तब एचएनआई जोखिम भरे स्टॉक को खरीद रहे थे, कई शेयर्स में भारी गिरावट

  • एचएनआई ने ऑटो, हाउसिंग फाइनेंस जैसी कंपनियों के शेयर्स खरीदे
  • बाकी निवेशकों ने एफएमसीजी, फार्मा जैसे सुरक्षित स्टॉक को खरीदा

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 04:47 PM IST

मुंबई. ऐसे समय में जब अन्य निवेशक चुनौतीपूर्ण माहौल में फार्मा, टेलीकॉम एफएमसीजी और आईटी जैसी रक्षात्मक माने जानेवाले शेयरों में दांव लगा रहे थे, उस समय हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (एचएनआई) निवेशक जोखिम भरे शेयर्स की खरीदी कर रहे थे। मार्च तिमाही में इन निवेशकों ने कैसीनो मालिकों, एयरलाइन ऑपरेटर्स, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और ऑटो निर्माता कंपनियों जैसे  जोखिम भरे शेयर्स में दांव लगाने का फैसला किया।

एचएनआई की खरीदी के बावजूद रिकवरी नहीं हुई

देश में मार्च के अंत में लॉकडाउन शुरू हुआ। इससे विश्व स्तर पर वस्तुओं और सेवाओं की मांग लगभग समाप्त हो गई। जबकि आवश्यक वस्तुओं के उत्पादकों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और उनके क्षेत्र में मांग काफी हद तक अप्रभावित रही। प्राइस पैटर्न में यह साफ दिखाई दे रहा था कि एचएनआई द्वारा खेला गया दांव काफी हद तक हाल ही में रैली को रिकवर करने में विफल रहा है। क्योंकि लॉकडाउन ने इन क्षेत्रों को बुरी तरह से प्रभावित किया।

16 शेयर्स में मार्च तिमाही में 2 प्रतिशत बढ़ी हिस्सेदारी

बीएसई 500 के लगभग 16 शेयरों ने मार्च तिमाही में एचएनआई हिस्सेदारी में 2 प्रतिशत से अधिक छलांग देखी। लेकिन इनमें से 15 शेयर्स में अब तक 25 फीसदी से ज्यादा गिरावट है।विश्लेषकों के मुताबिक यह कहना मुश्किल है कि कोविड-19 में लोगों का खर्च करने का व्यवहार खासकर मनोरंजन और संबंधित खपत के प्रति कैसा होगा, इसका हमें इंतजार करना होगा। हमें लगता है कि इसे वापस आने में ज्यादा समय लगेगा।

दमानी और झुनझुनवाला के निवेश वाले स्टॉक भी पिटे

आंकड़ों से पता चला है कि एचएनआई ने कैसीनो के मालिक डेल्टा कॉर्प में हिस्सेदारी 2 प्रतिशत बढ़ाकर मार्च तिमाही में 17.64 प्रतिशत कर दी, जो दिसंबर तिमाही के अंत में 15.64 प्रतिशत थी। जिस स्टॉक में डीमार्ट के मालिक राधाकिशन दमानी और प्रसिद्ध निवेशक राकेश झुनझुनवाला शेयरधारक हैं, वह साल दर साल 66 फीसदी गिर चुका है। जहां दमानी ने इस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 1.32 प्रतिशत से घटाकर 1.17 प्रतिशत कर दी, वहीं झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा ने तिमाही के दौरान अपनी 7.38 प्रतिशत हिस्सेदारी रखी।

स्पाइसजेट में एचएनआई ने बढ़ाई हिस्सेदारी

एविएशन कंपनी स्पाइसजेट में एचएनआई की हिस्सेदारी दिसंबर तिमाही में 11.32 प्रतिशत से बढ़कर 13.67 प्रतिशत हो गई। इस एयरलाइन ने दूसरों की तरह, लगभग दो महीने से उड़ान नहीं भरी है। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में हुई गिरावट से लाभ उठाने में यह उद्योग विफल रहा है। इसका स्टॉक सालाना आधार पर 64 फीसदी नीचे है।

एनसीसी में मार्च तिमाही में 5 प्रतिशत बढ़ी हिस्सेदारी

एचएनआई ने मार्च तिमाही में एनसीसी में 16.05 प्रतिशत से हिस्सेदारी बढ़ाकर 21.59 प्रतिशत कर दी। उन्होंने रियल एस्टेट लेंडर्स इंडियाबुल्स हाउसिंग, जीआईसी हाउसिंग फाइनेंस और डीएचएफएल में ढाई से पांच प्रतिशत तक हिस्सेदारी बढ़ाई। ये स्टॉक अब भी सालाना आधार पर 60 फीसदी तक नीचे हैं। एचएनआई ने तिमाही आधार पर टाटा मोटर्स में 9.97 प्रतिशत से हिस्सेदारी बढ़ाकर 12.86 प्रतिशत कर दी। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने संभावित डाउनग्रेड के लिए टाटा मोटर्स की रेटिंग को रिव्यू के तहत रखा है। फिच ने हाल ही में कंपनी की दीर्घकालिक इश्यूअर डिफ़ॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) को नकारात्मक आउटलुक ‘ बीबी-‘ से ‘ बी’ में डाउनग्रेड कर दिया।

अब लोग जल्दी खर्च करने के मूड में नहीं होंगे

विश्लेषकों के मुताबिक जब भी आपके पास इस तरह का माहौल होता है तो आप उपभोग की ओर बहुत सकारात्मक नहीं हो सकते। लोग संभवतः फिर से खर्च करने की जल्दी में नहीं होंगे। मुख्य रूप से आय या नौकरी के नुकसान के कारण लोगों का कमजोर मूड कुछ समय के लिए प्रबल होगा। उज्जीवन फाइनेंस, साउथ इंडियन बैंक, रिलायंस पावर, जीएचसीएल और केयर रेटिंग्स जैसे ढेर सारे अन्य गिरे हुए स्टॉक्स हैं। इसमें मार्च तिमाही में एचएनआई की होल्डिंग में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई।