घट रहा है टाटा समूह की आईटी कंपनी टीसीएस का रेवेन्यू, वित्त वर्ष 2020 में महज 3.5 प्रतिशत की रही वृद्धि

  • 2020 में टीसीएस का रेवेन्यू 2,656 करोड़ रुपए रहा है
  • 2019 में दो अंकों में बढ़ा था टीसीएस का रेवेन्यू

दैनिक भास्कर

Jun 01, 2020, 08:25 PM IST

मुंबई. टाटा समूह की कंपनियों में से टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस (टीसीएस) का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2020 में महज 3.5 प्रतिशत बढ़कर 2,656 करोड़ रुपए रहा है। इससे पहले के वित्त वर्ष में इसमें दो अंकों में वृद्धि देखी गई थी। यह जानकारी कंपनी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में दी है।

2019 में टीसीएस का रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़ा था

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रसेकरन ने पिछले वर्ष ग्रुप कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही थी। लेकिन इसके उलट टीसीएस की रेवेन्यू वृद्धि घट रही है। वित्त वर्ष 2019 में इसके रेवेन्यू में 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। जबकि 2020 में इसमें महज 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। इससे पहले के वित्त वर्ष में सॉफ्टवेयर निर्यात में कंपनी ने ग्रुप की नई टेक्नोलॉजी की पहल का फायदा लिया था। टीसीएस को उस वर्ष में ग्रुप कंपनियों के पास से 2,566 करोड़ रुपए की आय हुई थी।

2017 में एन चंद्रसेकरन बने थे चेयरमैन

2017 में चंद्रसेकरन को चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया था। उसके बाद से टाटा ग्रुप की कंपनियों के बीच सिनर्जी बढ़ाई जा रही है। टाटा ग्रुप की कंपनियों में से टीसीएस का रेवेन्यू दो आंकड़ा में बढ़ गया था। उस समय उन्होंने कहा था कि अभी ज्यादा सुधार की संभावना है। टीसीएस की पिछले जनरल मीटिंग में एक शेयरधारक ने इस बात की ओर ध्यान दिलाया कि वित्त वर्ष 2019 में ग्रुप कंपनियों की ओर से आवक बढ़ी थी। ग्रुप कंपनियों द्वारा इस तरह का कांट्रैक्ट देने के पीछे ऊंची मार्जिन होगी तो 2020 में टाटा ग्रुप की कंपनियों से मिलने वाले रेवेन्यू में वृद्धि हो सकती है क्या?

सरकारी कंपनियों से टीसीएस का रेवेन्यू लगातार बढ़ रहा है

चंद्रसेकरन ने इस सवाल के जवाब में कहा कि कंपनी किसी की तरफदारी करने की नीति नहीं अपनाती है। टाटा समूह की तमाम कंपनियों के बीच ज्यादा बिजनेस तटस्थ तरीके से होता है। ज्यादा से ज्यादा टाटा ग्रुप की कंपनियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इस सुधार को देखते हुए मुझे खुशी हो रही है। लेकिन हमें इससे आगे जाना है। दरअसल टाटा की ग्रुप कंपनियों के लिए पिछले वर्ष नई टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन के पीछे बड़ी राशि निवेश की गई थी। इसमें कई प्रक्रिया अभी भी चालू है। विश्लेषकों के मुताबिक सरकारी कांट्रैक्ट में से टीसीएस का रेवेन्यू योगदान लगातार बढ़ रहा है।