गोदरेज कंज्यूमर की नई एमडी निसाबा गोदरेज ने 2007 में 70 करोड़ डॉलर के मार्केट कैप को 2020 में 9 अरब डॉलर पर पहुंचाया

  • 42 साल की निसाबा गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज की बेटी हैं
  • एमडी बनने से पहले निसाबा गोदरेज कंज्यूमर में होल टाइम डायरेक्टर थीं

दैनिक भास्कर

Jun 13, 2020, 07:12 PM IST

नई दिल्ली. हार्वर्ड से एमबीए की डिग्री हासिल करनेवाली निसाबा गोदरेज को गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट का नया एमडी बनाया गया है। वे एक जुलाई से इस पद को संभालेंगी और सितंबर 2022 तक इस पद पर रहेंगी। अभी तक इस पद पर विवेक गंभीर हैं जो इस महीने में रिटायर होंगे। यह करीबन एक दशक बाद हुआ है जब गोदरेज समूह के परिवार का कोई सदस्य इस कंपनी के एमडी पद पर पहुंचा है।

निसाबा इस बिजनेस से साल 2007 में जुड़ी थीं

42 साल की निसाबा, गोदरेज समूह के चेयरमैन आदि गोदरेज की बेटी हैं। निसाबा इस बिजनेस से साल 2007 में जुड़ी थीं। वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विस्तार में भी शामिल थीं। वे कंपनी में बदलाव के लिए जानी जाती हैं। खासकर वह बिजनेस जो हेयर डाई और साबुन के सेगमेंट में है और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का रिकॉर्ड निसाबा के नाम है। निसाबा ने जब कंपनी ज्वाइन की थी, उस समय मार्केट कैप 70 करोड़ डॉलर था। अभी यह 9 अरब डॉलर के पार है। रेवेन्यू इसी अवधि में पांच गुना बढ़कर 1.4 अरब डॉलर के पार हो गया है। 2007 में यह 27 करोड़ डॉलर था। 

इंडोनेशिया का हिस्सा 17 प्रतिशत है

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स अपने रेवेन्यू में आधा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय बाजार से प्राप्त करता है। इसमें इंडोनेशिया का हिस्सा 17 प्रतिशत है। अफ्रीका का हिस्सा 24 प्रतिशत है। एमडी बनने से पहले निसाबा गोदरेज कंज्यूमर में होल टाइम डायरेक्टर थीं। वे कंपनी में एक दशक पहले से हैं। गंभीर भी हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से पढ़े हैं। उन्होंने गोदरेज कंज्यूमर 2009 में चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर के रूप में ज्वाइन किया था। 2013 में वे एमडी एवं सीईओ बने। इसी हफ्ते जब गंभीर के हटने की घोषणा हुई तो कंपनी का स्टॉक 4 प्रतिशत तक उस दिन गिर गया। निवेशकों की चिंता है कि किसी पेशेवर द्वारा कंपनी चलाने और किसी परिवार द्वारा कंपनी चलाने में अंतर है।

गंभीर ने गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट को नई एरिया में फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें अंतरराष्ट्रीय एरिया भी हैं। इससे कंपनी को मल्टीनेशनल बनने में मदद मिली। कंपनी ने ओवरसीज बाजारों में अधिग्रहण के जरिए बढ़त हासिल की। 2016 में गोदरेज कंज्यूमर ने केन्या की केनान केमिकल में मेजोरिटी हिस्सेदारी खरीदी। पर्सनल एवं होम केयर फर्म ने अमेरिका की हेयर केयर प्रोडक्ट बनाने वाली सोन का अधिग्रहण किया। 

कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ में 75 प्रतिशत की गिरावट

कंपनी ने चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ में 75 प्रतिशत की गिरावट देखी है। यह लाभ 229.90 करोड़ रुपए रहा है। यह इसलिए हुआ क्योंकि कोविड की वजह से कंपनी को मुश्किल हुई। एक साल पहले समान तिमाही में कंपनी का लाभ 935 करोड़ रुपए था। शुद्ध बिक्री की बात करें तो यह 12.22 प्रतिशत गिरकर 2,132.69 करोड़ रुपए पर रहा। एक साल पहले यह समान अवधि में 2,429 करोड़ रुपए था।

कोरोना के बढ़ते प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से कई एरिया में कंपनी का ऑपरेशन बंद है। इस वजह से इसकी बिक्री पर असर दिखा है। निसाबा कहती हैं कि भारत में भी कमजोर प्रदर्शन का कारण यही रहा है। हालांकि हम हर कैटेगरी में अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। इंडोनेशियन बाजार से कंपनी का रेवेन्यू 8.94 प्रतिशत बढ़कर 449 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले यह 412 करोड़ रुपए रहा था। 

भविष्य में होंगे 40 नए प्रॉडक्ट्स लॉन्च

मौजूदा संकट के प्रबंधन के बारे में निसाबा ने कहा कि गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट 90 प्रतिशत उपयोग क्षमता के साथ वापस आ गए हैं। जबकि अभी भी जमीनी स्तर पर कुछ अव्यवस्था है। हेल्थ और हाईजीन के सेगमेंट में ज्यादा मांग देखी जा रही है। निसाबा ने कहा कि यह हाथ धोने, सैनिटाइजर्स, और व्यक्तिगत स्वच्छता उत्पादों के लिए कम कीमत पैक के लिए अपना टाइम आएगा वाला पल है। कंपनी की योजना निकट भविष्य में इस स्पेस में 40 नए प्रॉडक्ट्स लॉन्च करने की है।

गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट अपने घरेलू कीटनाशक ब्रांड – गुड नाइट के लिए बहुत अच्छी तरह से जाना जाता है। निसाबा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते लोग ऐसे उत्पाद भी खरीद रहे हैं जो मलेरिया और डेंगू जैसी अन्य बीमारियों से बचाव करते हैं। इस प्रकार, गोदरेज अगले छह महीनों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और घरेलू कीटनाशक श्रेणियों के विकास में निवेश करता दिखेगा।