गुड़गांव में जमीन के नाम पर 500 निवेशकों से पैसा वसूलने वाली कंपनी सहित सात लोगों पर सेबी ने 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया

  • एडेल लैंडमार्क और इसके प्रमोटर्स पर लगाई गई पेनाल्टी
  • 51 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि कंपनी ने जुटाई थी

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 01:38 PM IST

मुंबई. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने धोखाधड़ी के आरोप में सात लोगों पर 25 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। मंगलवार की देर रात जारी 26 पेज के ऑर्डर में यह आदेश दिया गया है। जिन सात लोगों पर यह पेनाल्टी लगी है उसमें एडेल लैंडमार्क के अलावा इसके डायरेक्टर राकेश गुप्ता, सुमित भराना, अरविंद कुमार बिरला, रश्मि भराना, संजय चावला और मनिषा भराना का समावेश है।

गुड़गांव में कंपनी ने प्लॉट दिखाकर लिया पैसा

सेबी के मुताबिक एडेल लैंडमार्क ने गुड़गांव में प्लॉट्स के लिए बुकिंग शुरू की थी। इसके जरिए कंपनी ने करोड़ों रुपए निवेशकों से जुटाए थे। लेकिन तय समय में कंपनी इस पैसे को लौटाने में फेल रही। सेबी ने शिकायत पर इसकी जांच की तो पता चला कि कंपनी लोगों से पैसा जुटाने का काम करती है। यह एक तरह से कलेक्टिव इनवेस्टमेंट स्कीम (सीआईएस) है। सेबी ने कहा कि 28 जनवरी को इन लोगों को कारण बताओ नोटिस दी गई थी पर ये लोग उसका सही जवाब देने में फेल रहे।

सभी कंपनियां एडेल की ही प्रमोटेड थीं

सेबी ने जांच में पाया कि एडेल ने यूबीए रियलटेक से 108 एकड़ जमीन के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। एडेल के साथ इसमें 8 और ग्रुप कंपनियां शामिल थीं। यह सभी कंपनियां या तो एडेल की सब्सिडयरी थी या फिर अन्य प्रमोटर कंपनी थीं। कंपनी द्वारा प्रस्तुत लिस्ट के अनुसार, अपनी ‘प्लॉट्स की पूर्व बुकिंग’ योजना के तहत, इसके पास 108 ग्राहक हैं जिन्हें उसने 50,52,28,939 रुपए (मुआवजे सहित) चुकाए हैं और अभी भी तक 14,86,24,193 रुपए चुकाने बाकी हैं।

कंपनी ने जमीन के एवज में पैसे लौटाने की बात कही थी

सेबी ने जांच में पाया कि ग्राहकों ने यहां पर द्वारका एक्सप्रेस वे के लिए आवेदन किया, जबकि कंपनी के रजिस्ट्रेशन में इस तरह की किसी जगह का कोई उल्लेख नहीं था। कंपनी ने ग्राहकों से यह कहा था कि अगर वह जमीन नहीं दे पाई तो उनको ब्याज के साथ पैसे लौटा देगी। जिससे यह एक कलेक्टिव स्कीम साबित हुई। सेबी की जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी कुल 500 निवेशकों से 51 करोड़ रुपए जुटाई थी। इसमें से 432 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट और 108 प्लाटेड स्कीम से जुटाया गया था।