क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत एमएसएमई को 12 हजार करोड़ का लोन देगा बैंक ऑफ बड़ौदा

  • केंद्र सरकार ने 21 लाख करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज में घोषित की है क्रेडिट गारंटी स्कीम
  • एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए का लोन अपनी गारंटी पर उपलब्ध कराएगी सरकार

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 09:13 AM IST

नई दिल्ली. बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने शनिवार को कहा कि वह सरकार की 100 फीसदी क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) को 12 हजार करोड़ रुपए का लोन देगा। सरकार ने कोरोना आपदा के नकारात्मक आर्थिक प्रभावों से निपटने के लिए करीब 21 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की है। इसमें एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए के लोन की क्रेडिट गारंटी स्कीम भी शामिल है।

100 करोड़ तक के टर्नओवर वाली एमएसएमई को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार ने कहा है कि क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत 100 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर और 25 करोड़ रुपए तक लोन वाली एमएसएमई को इस स्कीम का फायदा मिलेगा। स्कीम के तहत इन एमएसएमई को फरवरी अंत तक आउटस्टैंडिंग क्रेडिट के 20 फीसदी के बराबर लोन मिलेगा। बॉब के एमडी और सीईओ संजीव चड्ढ़ा ने कहा कि सरकार के नियमों के मुताबिक कर्ज लेने वालों के पूल का साइज करीब 60 हजार करोड़ रुपए का है। ऐसे में बैंक 12 हजार करोड़ रुपए का लेन देने का लक्ष्य तय कर सकता है।

बॉब के 65 फीसदी ग्राहकों ने लिया मोराटोरियम का फायदा

एक वर्चुअल मीडिया इंटरक्शन में संजीव चड्ढ़ा ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से उपलब्ध कराई गई लोन मोराटोरियम की सुविधा सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा के करीब 65 प्रतिशत ग्राहकों ने मोराटोरियम का लाभ लिया है। हालांकि, चड्ढा ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में यह नंबर्स नीचे आएंगे। हम उम्मीद करते हैं कि लॉकडाउन में ढील होने और कैश फ्लो में सुधार के साथ संख्या में कमी आएगी।

लॉकडाउन से छोटे कारोबारियों पर पड़ा है बुरा असर

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन का माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) समेत तमाम छोटे कारोबारियों पर बुरा असर पड़ा है। लॉकडाउन के कारण अधिकांश एमएसएमई ठप पड़ी हैं। एमएसएमई के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे भी नहीं बचे हैं। लॉकडाउन के कारण अधिकांश मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं। ऐसे में अब एमएसएमई के सामने दोबारा से कारोबार शुरू करने की भी चुनौती बनी हुई है।