कोविड-19 महामारी के चलते 82% भारतीय वित्तीय संघर्ष में फंसे; 70% से ज्यादा बोले मनोरंजन, लग्जरी लाइफ जैसे खर्चों से बचेंगे

  • इस सर्वे में 94% लोग बोले- पैसा खर्च करने में सावधानी दिखाएंगे
  • 90% लोगों ने अपनी बचत और वित्तीय भविष्य के बारे में चिंता व्यक्त की

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 08:56 PM IST

नई दिल्ली. डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म इंडियालेंड्स के सर्वे के मुताबिक कोविड-19 महामारी ने वेतनभोगी और पेशेवर व्यक्तियों की वित्तीय स्थित को बुरी तरह प्रभावित किया है। 82 प्रतिशत उत्तरदाताओं का कहना है कि वे इसकी वजह से संघर्ष कर रहे हैं।

देशभर में करीब 5,000 उत्तरदाताओं के साथ किए गए इस सर्वे में 94% ने कहा कि उन्हें अगले कुछ महीने अपना पैसा कैसे खर्च करना है, इसके बारे में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। 84% ने कहा कि वे खर्च पर वापस कटौती कर रहे हैं। 90% ने अपनी बचत और वित्तीय भविष्य के बारे में चिंता व्यक्त की है।

ऋण का विकल्प चुन सकते हैं लोग

सर्वे में यह बात भी सामने आई कि लोग मौजूदा संकट से निपटने के लिए ऋण लेने से पीछे नहीं हटेंगे। करीब 72% लोगों ने कहा कि वे प्राथमिक खर्च जैसे कर्ज चुकाने की आवश्यक, चिकित्सा, शिक्षा शुल्क और घर की मरम्मत और नवीकरण जैसे कामों के लिए व्यक्तिगत ऋण का विकल्प चुन सकते हैं।

इंडियालेंड्स के डेटा के मुताबिक 71% ग्राहकों के पास पहले से ऋण है, जिसमें से 45% ने ऋण चुकाने में असमर्थता के वजह से स्थगन के लिए आवेदन किया था।

महामारी ने बदला काम करने का तरीका

इंडियालेंड्स के संस्थापक और सीईओ गौरव चोपड़ा ने कहा, “महामारी ने हमारे शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और फाइनेंशियल काम करने के तरीके को बदल दिया है। वेतनभोगियों को नौकरी के नुकसान और वेतन में कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उनकी इनकम और सेविंग पर हुए प्रभाव के चलते खुदरा ऋण की मांग में वृद्धि देखी है।”

इंडियालेंड्स के सर्वे के मुताबिक, आर्थिक अनिश्चितता और व्यक्तिगत वित्त की स्थिति ने भी 76% उत्तरदाताओं के साथ निवेश को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि वे इस समय नए निवेश पर विचार करने की स्थिति में नहीं हैं।

70% लोग बोले- फिजूल खर्च से बचेंगे

सर्वे में 40% उत्तरदाताओं ने कहा कि उनका ध्यान जरूरी वस्तुओं के खर्च पर रहेगा। जबकि 70% से अधिक ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से वे मनोरंजन, लाइफ स्टाइल मेंटेन, लग्जरी लाइफ जैसी गैर-जरूरी चीजों पर कम खर्च करेंगे।