कोविड-19 के कारण भारत को अगले 2 वर्षों में 31 लाख करोड़ रुपए के उत्पादन का हो सकता है नुकसान

  • वैश्विक स्तर पर 12.5 ट्रिलियन डॉलर के उत्पादन के नुकसान का अनुमान
  • आंशिक रिकवरी की बदौलत 2021 में 5.4 फीसदी की ग्रोथ रहेगी

दैनिक भास्कर

Jun 26, 2020, 12:16 PM IST

नई दिल्ली. कोविड-19 के कारण पैदा हुई आर्थिक अव्यवस्था के चलते भारत को अगले दो वर्षों में 438 बिलियन डॉलर करीब 31.5 लाख करोड़ रुपए के उत्पादन का नुकसान हो सकता है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ताजा इकोरैप रिपोर्ट में यह बात कही गई है। आईएमएफ के 2020 में गहरी मंदी और 2021 में धीमी रिकवरी के अनुमान के आधार पर एसबीआई की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।

2020 में वैश्विक उत्पादन में 4.9 फीसदी की कमी आएगी

एसबीआई इकोरैप रिपोर्ट में 2020 में वैश्विक उत्पादन में 4.9 फीसदी की कमी रहने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, आंशिक रिकवरी की बदौलत 2021 में 5.4 फीसदी का ग्रोथ रहने की बात कही गई है। रिपोर्ट में अगले दो सालों में इस संकट के कारण 12.5 ट्रिलियन डॉलर के उत्पादन का अनुमानित नुकसान होने की बात कही गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 3.5 फीसदी है। ऐसे में भारत को 438 बिलियन डॉलर करीब 31.5 लाख करोड़ रुपए के उत्पादन का नुकसान हो सकता है। 

कोविड-19 के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.5% गिरावट का अनुमान

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने बुधवार को भारतीय अर्थव्यवस्था में 4.5 फीसदी तेजी के साथ गिरावट का अनुमान जताया है। कोविड-19 महामारी की वजह से इस ऐतिहासिक गिरावट का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, आईएमएफ ने साल 2021 में अर्थव्यवस्था के फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई है, इसमें विकास दर के 6 फीसदी रहने का अनुमान है। आईएमएफ ने 2020 में वैश्विक विकास दर को निगेटिव 4.9% बताया है। अप्रैल 2020 में विश्व आर्थिक आउटलुक (WEO) का पूर्वानुमान 1.9 प्रतिशत अंक कम होने का अनुमान लगाया है।

भारत की जीडीपी ग्रोथ में 6.8% गिरावट का अनुमान

एसबीआई की ओर से इससे पहले जारी की गई इकोरैप रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी ग्रोथ में 6.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया गया था। हालांकि, रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई थी कि अनुकूल बेस इफेक्ट के कारण वित्त वर्ष 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी वी (V) शेप में होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि यह बेस इफेक्ट कारगर साबित नहीं होता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था को रिकवरी में चार साल तक का समय लग सकता है।

प्रति व्यक्ति आय में 5.4% गिरावट का अनुमान

इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 संकट के कारण भारत में प्रति व्यक्ति आय (पीसीआई) में भी गिरावट होगी। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में पीसीआई में 5.4 फीसदी की गिरावट होगी और यह गिरकर 1.43 रुपए पर आ जाएगी। यह नॉमिनल जीडीपी की गिरावट से ज्यादा होगी। वित्त वर्ष 2021 में भारत की नॉमिनल जीडीपी 3.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान है।