कोविड-19 के कारण पैदा हुए मौजूदा हालात विदेशों से फंड जुटाने के लिए अनुकूल नहीं: एक्जिम बैंक

  • आरबीआई से मिलने वाली 15 हजार करोड़ की क्रेडिट लाइन को लेकर स्पष्टता नहीं
  • कारोबार के लिए मौजूदा हालातों में भारी मात्रा में अमेरिकी डॉलर की जरूरत

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 12:41 PM IST

नई दिल्ली. प्रीमियर एक्सपोर्ट फाइनेंस इंस्टीट्यूट एक्जिम बैंक का कहना है कि कोरोना आपदा के कारण पैदा हुए हालात विदेशी बाजारों से फंड जुटाने के लिए अनुकूल नहीं हैं। एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 2 बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन की मांग की मांग थी।

विदेशी बाजारों से फंड जुटाना चुनौती

अधिकारी ने कहा कि एक्जिम बैंक का मुख्य काम विदेशी बाजारों से फंड जुटाकर सरकार की ओर से रियायती वित्तीय कार्यक्रम के तहत कर्ज बांटना है। पीटीआई से बातचीत में अधिकारी ने कहा कि आरबीआई ने हमारी क्रेडिट लाइन की मांग का समर्थन किया है। शुक्रवार को आरबीआई ने बैंक को 15 हजार करोड़ रुपए की क्रेडिट लाइन देने का ऐलान किया था। अधिकारी ने कहा कि यह धन कैसे और किस तरीके से मिलेगा, इसको लेकर अभी कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है। अधिकारी ने कहा कि विदेशी बाजारों से फंड जुटाना अब चुनौती बन गया है। इस समय विदेशी मुद्रा के वितरण की आवश्यकता है।

कई देशों की मुद्रा में धन जुटाता है एक्जिम बैंक

अधिकारी ने बताया कि एक्जिम बैंक विभिन्न देशों की मुद्रा में धन जुटाता है। इसमें अमेरिकी डॉलर, जापानी येन, दक्षिण अफ्रीकी रेंड, यूरो और सिंगापुर डॉलर शामिल है। अधिकारी के मुताबिक इन सभी मुद्राओं को अमेरिकी डॉलर में स्वैप किया जाता है। हम करीब 70 फीसदी कारोबार अमेरिकी डॉलर में करते हैं। इसलिए हमें भारी मात्रा में अमेरिकी डॉलर की आवश्यकता है।

लॉकडाउन के कारण निर्यात में होगी कमी

चालू वित्त वर्ष में निर्यात आउटलुक के बारे में बात करते हुए एक्जिम बैंक के अधिकारी ने कहा कि निश्चित तौर पर इसमें गिरावट होगी। अधिकारी ने कहा कि हम गिरावट की सीमा का आंकलन नहीं कर सकते हैं। अधिकारी ने कहा कि लॉकडाउन के कारण सभी सेक्टर्स में मांग गिरी है। इससे निर्यात में भी गिरावट होगी। इस समय बाजार का सेंटीमेंट निचले स्तर पर है। अधिकारी ने कहा कि हम अफ्रीका, बांग्लादेश और श्रीलंका में पहले से पैठ बनाए बैठी कंपनियों के साथ सौदा कर रहे हैं।