कोविड-19 की वजह से रेस्तरां इंडस्ट्री का कारोबार हुआ ठप, वित्त वर्ष 2021 में रेवेन्यू आधे से कम होने की संभावना : क्रिसिल

  • इसके चलते डाइन-इन रेस्तरां के रेवेन्यू में लगभग 50 फीसदी तक गिरावट होने की संभावना है
  • डाइन-इन सर्विस बंद है और ऑनलाइन ऑर्डर में 50-70 प्रतिशत की गिरावट आई है

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 07:19 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनोवायरस महामारी के कारण रेस्तरां इंडस्ट्री काफी प्रभावित हुई है। लाॅकडाउन के चलते हजारों रेस्तरां बंद हैं। इसके चलते डाइन-इन रेस्तरां के रेवेन्यू में लगभग 50 फीसदी तक गिरावट होने की संभावना है। क्रिसिल की रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोनोवायरस महामारी के चलते फूड एंड बेवरेज सेक्टर बुरी तरह प्रभावित है। वित्त वर्ष 2020-21 में संगठित डाइन-इन रेस्तरां का राजस्व 40-50 प्रतिशत घटने की संभावना है।

उबरने में लगेगा एक साल तक का समय
क्रिसिल रिसर्च के एक अनुमान के मुताबिक, रेस्तरां इंडस्ट्री को मौजूदा संकट से उबरने में करीब एक साल से ज्यादा का समय लग सकता है। रिपोर्ट में जून से धीमी रिकवरी शुरू होने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, संगठित रेस्तरां का भारत के रेस्तरां उद्योग में करीब 35 फीसदी की हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2019 में इसका रेवेन्यू करीब 4.2 लाख करोड़ रुपए था। वहीं, डाइन-इन के करीब 75 प्रतिशत संगठित रेस्तरां हैं। इसमें ऑनलाइन डिलीवरी और टेकअवे शामिल हैं।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में बंद है रेस्तरां
गौरतलब है कि सरकार द्वारा 25 मार्च से लागू लाॅकडाउन के चलते मुंबई, दिल्ली-NCR और बेंगलुरु में रेस्तरां और सार्वजनिक सिनेमा घर, माॅल पूरी तरह से बंद हैं। हालांकि, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे और भुवनेश्वर जैसे कई शहरों में ऑनलाइन डिलीवरी चालू है। क्रिसिल रिसर्च के निदेशक, राहुल पृथ्वीनी ने कहा कि लॉकडाउन के चलते संगठित क्षेत्र के रेस्तरो में सेल में 90 फीसदी की कमी देखी गई है। डाइन-इन सर्विस बंद है और ऑनलाइन ऑर्डर में 50-70 प्रतिशत की गिरावट आई है।

देश की बड़ी रेस्तरां चेन्स ने रोकी स्टाफ की सैलरी
कोरोना संकट के चलते देश की बड़ी रेस्तरां चेन ने अप्रैल महीने में अपने कर्मचारियों की सैलरी का 20 से 40 फीसदी हिस्सा रोक दिया था। नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष अनुराग कटियार के मुतााबिक, मौजूदा संकट के चलते रेस्तरां इंडस्ट्री का राजस्व शून्य हो गया है। इसके चलते बहुत-सी कंपनियों को अप्रैल महीने की पूरी सैलरी देने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।’ फिलहाल लॉकडाउन खत्म होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

इंडस्ट्री से करीब 70 लाख लोग डायरेक्ट जुड़े हुए हैं
सोशल डिस्टेंसिंग के चलते अगले दो से तीन माह में रेस्तरां के खुलने के आसार कम है। इस इंस्ट्रीज से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर सरकार से आर्थिक मदद नहीं मिलती है तो लाॅकडाउन के बाद प्रत्येक 10 में से चार रेस्तरां (40 फीसदी) को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। अनुराग कटियार के मुताबिक, भारत में रेस्तरां इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर 4 लाख करोड़ रुपए के आसपास का है। इंडस्ट्री से करीब 70 लाख लोग डायरेक्ट जुड़े हुए हैं जो कि सिक्किम की जनसंख्या से 11 गुना ज्यादा है।

महंगे रेस्टोरेंट के व्यंजनों की ऑनलाइन डिलिवरी करेगी मेकमायट्रिप
ऑनलाइन यात्रा सेवा मुहैया कराने कंपनी मेकमायट्रिप देश के चुनिंदा शहरों में लक्जरी होटल, महंगे रेस्टोरेंट के व्यंजनों की ऑनलाइन डिलिवरी करेगी। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में इसकी शुरुआत करने के लिए उसने विभिन्न होटल चेन और स्वतंत्र रेस्टोरेंटों के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से लोगों का रेस्टोरेंट में जाकर खाना बंद हो गया है। ऐसे में कंपनी ने महंगे रेस्टोरेंट और लग्जरी होटलों के व्यंजनों को लोगों के घर पहुंचाने के लिए साझेदारी की है।