कोविड से प्रभावित भागीदारों और ग्राहकों की मदद के लिए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज लाएगी आईबीएम इंडिया 

  • अपने भागीदारों को हार्डवेयर की खरीदारी के लिए शून्य फीसदी ब्याज पर फंड उपलब्ध कराएगी कंपनी
  • आईबीएम प्रार्टनरवर्ल्ड कार्यक्रम के रीवैलिडेशन ग्रेस पीरियड को 5 मई से बढ़ाकर 1 जनवरी 2021 किया

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 03:42 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किया गया लॉकडाउन भारत में कारोबारों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। इससे प्रभावित अपने भागीदारों और ग्राहकों की मदद के लिए अब टेक कंपनी आईबीएम इंडिया वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज लाने जा रही है। एक टॉप एक्जीक्यूटिव के मुताबिक, कंपनी अपने ग्राहकों को आईबीएम ग्लोबल फाइनेंसिंग के जरिए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराएगी। 

डिजिटल को-मार्केटिंग एक्टिविटीज के लिए 100% फंडिंग दी जाएगी

आईबीएम पार्टनर इकोसिस्टम की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर लता सिंह का कहना है कि कंपनी दूसरी तिमाही में योग्य डिजिटल को-मार्केटिंग एक्टिविटीज के लिए फंडिंग को 50 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करेगी। इसके अलावा भागीदारों को हार्डवेयर की खरीदारी के लिए 0 प्रतिशत ब्याज दर पर फंड उपलब्ध कराया जाएगा। इसकी वापसी तिमाही किस्तों के आधार पर करने का विकल्प मिलेगा। उन्होंने कहा कि आईबीएम सिस्टम्स ने वैश्विक स्तर लाखों मिलियन डॉलर का इंसेंटिव पोर्टफोलियो तैयार किया है। इसका लाभ भारत के डिस्ट्रीब्यूटर्स और सभी पार्टनर्स को भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि पावर और स्टोरेज के लिए दूसरी तिमाही के परफॉर्मेंस इंसेंटिव में भी बढ़ोतरी की गई है। 

आईबीएम प्रार्टनरवर्ल्ड कार्यक्रम की अवधि बढ़ाई

लता सिंह ने बताया कि कंपनी ने अपने आईबीएम प्रार्टनरवर्ल्ड कार्यक्रम के रीवैलिडेशन ग्रेस पीरियड को 5 मई से बढ़ाकर 1 जनवरी 2021 कर दिया है। इससे कार्यक्रम के दौरान भागीदारों के स्तर में कमी नहीं आएगी और उनकी योग्यता बरकरार रहेगी। इसके अलावा कंपनी ने भागीदारों के लिए “एमाई डिजिटल मार्केटिंग” के नाम से एक नया डिजिटल मार्केटिंग प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म पर कंपनी के भागीदारी डिजिटल कैंपेन को लेकर अपनी योजना की जानकारी दे सकेंगे।

लॉकडाउन के कारण नए आईटी इंफ्रा में निवेश के लिए मजबूर हुईं कंपनियां

वीडीए इंफोसॉल्यूशंस के डायरेक्टर दीपक जाधव के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण कंपनियां रिमोट वर्किंग सॉल्यूशंस, नए आईटी इंफ्रा में निवेश के लिए मजबूर हुई हैं। भविष्य में कंपनियां डिजिटलाइजेशन के जरिए अपने कारोबारी मॉडल में बदलाव लाने और रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिश करेंगी। जाधव के मुताबिक, इस महामारी ने कंपनियों को यूनिक और अलग तरीके से सोचने के लिए मजबूर किया है। जाधव का कहना है कि ग्राहक अब इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं कि वे क्या, कहां और कैसे निवेश करें। इसका यह नतीजा सामने आ रहा है कि ग्राहकों ने हालातों के स्थिर होने तक 6 से 9 महीनों के लिए अपनी खरीदारी टाल दी है। 

आईबीएम का प्रोत्साहन पैकेज विचारशील प्रस्ताव

जाधव ने कहा कि अपने भागीदारों और ग्राहकों को समस्या की इस स्थिति से बाहर निकालने वाला आईबीएम का प्रोत्साहन पैकेज एक विचारशील प्रस्ताव है। यह पैकेज आईबीएम के भागीदारों को अपने ग्राहकों के सामने एक बेहतर प्रस्ताव लाने में मदद करेगा, ताकि वे अपनी बिक्री प्रक्रिया को पूरी कर सकें। इसके अलावा इस पैकेज से भागीदारों को अपना मार्जिन मेंटेन करने में भी मदद मिलेगा। ग्राहकों की ओर से मोलभाव बढ़ाने के कारण इस तनावग्रस्त समय में मार्जिन पर भारी दबाव बना हुआ है।