कोरोना संकट से उबरने के लिए जोमैटो ने प्रबंधन स्तर पर किया बदलाव, फूड डिलिवरी बिजनेस प्रमुख मोहित गुप्ता बने को-फाउंडर

  • मोहित गुप्ता को यह को-फाउंडर का रोल काफी कम समय में मिला है
  • अब मोहित गुप्ता समेत जोमैटो के कुल चार को-फाउंडर होंगे

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 03:18 PM IST

नई दिल्ली. ऑनलाइन फूड डिलिवरी प्लेटफार्म जोमैटो (Zomato) ने अपने फूड डिलीवरी बिजनेस का नेतृत्व कर रहे मोहित गुप्ता को प्रमोशन देते हुए कंपनी के को-फाउंडर का दर्जा प्रदान किया है। अब मोहित गुप्ता समेत जोमैटो के कुल चार को-फाउंडर होंगे। इनमें मूल सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल, COO गौरव गुप्ता, गुंजन पाटीदार और अब मोहित गुप्ता भी शामिल हो गए हैं। इसकी जानकारी खुद दीपिंदर गोयल ने अपने कर्मचारियों को ईमेल के जरिए दी है। बता दें मोहित गुप्ता को यह को-फाउंडर का रोल काफी कम समय में मिला है। वह 2018 में कंपनी में शामिल हुए, जिससे पहले वह MakeMyTrip में बतौर COO अपनी भूमिका निभा रहे थे।

‘विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और लचीलापन सभी गुणों पर खड़े उतरते हैं मोहित गुप्ता’

कंपनी के कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में, दीपिंदर गोयल ने कहा, ‘मोहित गुप्ता हमारे साथ सबसे पहले जुड़कर कंपनी की नींव रखने वालें लोगों में से एक हैं और उन्होनें पिछले दो वर्षों में कंपनी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब मैंने कंपनी ने करीब एक साल पहले फाउंडर्स प्रोग्राम की शुरुआत की थी, तो मैंने तब भी उनकें गुणों को रेखांकित किया, जो किसी भी संस्थापक में होना चाहिए।

इन गुणों में अन्य चीजों के साथ ही साथ विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और लचीलापन भी शामिल हैं। मोहित गुप्ता इन सभी पर खरे उतरते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि मोहित गुप्ता के पास उच्च स्तर का स्वामित्व प्रबंधन कौशल है, यहां तक कि उन्होंने पिछले दो वर्षों में दो बार 100% वेतन में कटौती की है ताकि कंपनी को कुछ मुश्किल दौरों से उबारा जा सके।

महामारी खत्म होने के बाद कारोबार को लेकर नई स्ट्रैटेजी पर काम कर सकती है कंपनी

बता दें कि कोरोना संकट को देखते हुए कंपनी भविष्य में कारोबार को लेकर नई स्ट्रैटेजी पर काम कर सकती है। सह-संस्थापक के रूप में अब मोहित गुप्ता कंपनी के विकास को लेकर नए आत्मविश्वास के साथ नजर आ सकतें हैं। असल में कोरोनावायरस महामारी के चलते भारत में सबसे अधिक प्रभावित होने वाले उद्योगों में से एक फूड डिलीवरी बिजनेस भी है। करीब 30% रेस्टोरेंट बंद होनें की कगार पर हैं।