कोरोना क्राइसिस में पैसों की जरूरत पड़ने पर जन-धन खाताधारक ले सकते हैं खाते पर लोन, मिलती है 5000 रु की ओवरड्राफ्ट सुविधा

  • ओवरड्राफ्ट सुविधा का फायदा तब लिया जा सकता है जब अकाउंट में पैसे न हों
  • ओवर ड्राफ्ट सुविधा का लाभ लेने पर बैंक ब्याज वसूलता है

दैनिक भास्कर

Jun 23, 2020, 10:30 AM IST

नई दिल्ली. केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को बैंक से जोड़ने के लिए जन धन योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत कई तरह के लाभ गरीबों को मिलते हैं। जिनमें 5000 रुपए तक के ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी शामिल है। यानी आप जरूरत के समय बतौर लोन 5000 रुपए तक अपने जन-धन खाते से निकाल सकते हैं। हम आपको इस सुविधा के बारे में बता रहे हैं।

आधार कार्ड है जरूरी 
इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सबसे जरूरी हैं कि आपका इसके लिए बैंक खाते से उनके आधार कार्ड का लिंक होना जरूरी है। इसके अलावा यह भी जरूरी है कि उसने पिछले 6 महीने से अपना अकाउंट मेंटेन किया हो। मतलब यह कि इस दौरान उसने समय-समय पर अपने अकाउंट से लेन-देन किया हो। ओवरड्राफ्ट सुविधा का फायदा तब लिया जा सकता है जब आपके अकाउंट में पैसे ना हों। हालांकि, इस पर ब्याज वसूला जाता है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आपको बैंक जाना होगा।

जन-धन खाते पर मिलता है 1 लाख का दुर्घटना बीमा 
रूपे डेबिट कार्ड पर आपको 1 लाख रु का दुर्घटना बीमा मिलता है, जिसके लिए आपको मिनिमम बैलेंस बना कर रखने जैसी शर्त पूरी नहीं करनी होती। इसके अलावा आपको 30000 रु का अतिरिक्त बीमा लाभ भी मिलता है। इस तरह खाताधारक की मृत्यु के मामले में 1.3 लाख रु तक के लिए क्लेम किया जा सकता है।

किसी भी बैंक में खोल सकते हैं जन धन खाता
किसी भी सरकारी बैंक में जन-धन योजना का खाता खुलवाने के लिए फॉर्म मिल सकता है। बैंक द्वारा दिए गए फॉर्म में आवेदक का पूरा नाम, फोटो, वैवाहिक स्थिति, एड्रेस, फोन नंबर, व्यवसाय/रोजगार और वार्षिक आय, आश्रितों की संख्या और पहले से बैंक खाता है तो उसकी जानकारी देना होती है। यदि आपके पास आधार कार्ड है तो आईडी प्रूफ का कोई अन्य सबूत देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आधार कार्ड न देने की स्थिति में आपको पहचान और पते का प्रमाण पत्र देना होता है। जनधन योजना के अंतर्गत 10 साल से कम उम्र के बच्चे का खाता भी खुलवाया जा सकता है।

2014 में शुरू हुई थी योजना
जनधन योजना को अगस्त, 2014 में शुरू किया गया था। तब इस योजना को सिर्फ 4 साल के खोला गया था। आम जनता को बैंकों से जोड़ने और उन्हें बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इसकी शुरुआत की गई थी।