कोरोना के चलते सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग में किया बदलाव, प्रफरेंशियल इश्यू की कीमतों में भी दी गई ढील

  • कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंज के साथ आचार संहिता का पालन करने से मिली छूट
  • ओपन ऑफर लाने में देरी होने पर 12 प्रतिशत की दर से देना होगा ब्याज

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 09:58 PM IST

मुंबई. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इनसाइडर ट्रेडिंग प्रोहिबिटेड नियमों में बदलाव किया है। इसी के साथ प्रफरेंशियल इश्यू की कीमतों में भी बदलाव किया गया है। गुरुवार को सेबी ने बोर्ड मीटिंग के बाद यह जानकारी दी।

डिस्क्लोजर फाइल करना ऑटोमेशन होगा

बाजार नियामक ने कहा कि इनसाइडर ट्रेडिंग प्रोहिबिटेड नियमों के बदलाव में एक स्ट्रक्चर्ड डिजिटल डाटाबेस को बनाए रखना शामिल है। इसमें अप्रकाशित मूल्य संवेदनशील जानकारी साझा करने वाले व्यक्तियों के नाम शामिल हैं। इसमें स्टॉक एक्सचेंज को डिस्क्लोजर दाखिल करने की प्रक्रिया का ऑटोमेशन होगा। साथ ही सेबी द्वारा निर्धारित लेनदेन के लिए लागू नहीं किए जाने वाले ट्रेडिंग विंडो पर प्रतिबंध शामिल होगा। इसी तरह कंपनियों को स्टॉक एक्सचेंजों के साथ आचार संहिता का पालन नहीं करने की भी आवश्यकता होगी।

ओपन ऑफर के नियमों में भी सुधार

सेबी ने जुलाई से 31 दिसंबर के बीच कोविड-19 संकट के मद्देनजर प्रफेरेंशियल इश्यूज की कीमतों पर नियमों में अस्थायी रूप से ढील दी है। इसमें प्रफेरेंशियल इश्यू के लिए मौजूदा मूल्य पद्धति को अतिरिक्त विकल्प प्रदान करने का निर्णय लिया गया। सेबी ने ओपन ऑफर के दौरान बल्क या ब्लॉक सौदों से स्टॉक एक्सचेंज सेटलमेंट प्रोसेस के जरिए अधिग्रहण की भी इजाजत दी।

सेबी ने कहा कि अगर अधिग्रहण के कारण खुला ऑफर लाने में देरी होती है तो खुले ऑफर में शेयरों का टेंडर देने वाले शेयरधारकों को 10 प्रतिशत का साधारण ब्याज दिया जाएगा। सेबी ने सेटलमेंट रेग्युलेशंस में कुछ संशोधनों को भी मंजूरी दी।