कोरोना के कारण आई मंदी का काले अमेरिकियों पर ज्यादा असर, अप्रैल में बेरोजगारी दर 16.7 फीसदी रही

  • कोरोना के वित्तीय प्रभावों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं काले अमेरिकी
  • कोरोना के कारण अमेरिका में नस्लीय भेदभाव भी बढ़ा है

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 01:09 PM IST

वॉशिंगटन.

कोरोनावायरस महामारी के कारण अमेरिका में आई मंदी का असर वहां के काले (अश्वेत) अमेरिकियों पर ज्यादा पड़ा है। इससे वहां पर नस्लीय भेदभाव बढ़ा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के कारण नस्लीय भेदभाव बढ़ने से अमेरिकी की अर्थव्यवस्था और खराब हो सकती है।

काले अमेरिकियों ने ज्यादा नौकरियां गंवाई

रिपोर्ट के मुताबिक, इस मंदी के कारण काले अमेरिकियों ने ज्यादा नौकरियां गंवाई हैं और उनकी आय भी प्रभावित हुई है। काले अमेरिकी मंदी के वित्तीय प्रभाव को लेकर भी चिंतित हैं, क्योंकि उनके पास इससे निपटने के लिए गोरे अमेरिकियों के मुकाबले कम साधन उपलब्ध हैं। काले अमेरिकी, गोरे अमेरिकियों के मुकाबले कम धन कमाते हैं और इस वायरस से मरने वालों में काले अमेरिकियों की दर भी ज्यादा है। 

बेरोजगारी की दर निचले स्तर पर

कोरोना महामारी से पहले ही अमेरिका में काले वर्कर्स के लिए बेरोजगारी की दर अपने निचले स्तर पर पहुंच गई थी। मई महीने में काले अमेरिकियों की बेरोजगारी दर 16.7 फीसदी रही है, जबकि गोरे अमेरिकियों में बेरोजगारी की दर 14.2 फीसदी रही थी। हालांकि, अच्छी खबर यह रही कि फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया था कि महामारी से पहले अर्थव्यवस्था मजबूती की तरफ बढ़ रही थी। 

गोरों के मुकाबले काले अमेरिकियों ने नौकरी के लिए ज्यादा आवेदन किए

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में कोरोना आपदा के दौरान ही नहीं बल्कि हर समय नौकरियों के लिए आवेदन करने वालों में गोरे अमेरिकियों के मुकाबले काले अमेरिकियों की संख्या ज्यादा रही है। 

अब आधे से ज्यादा काले अमेरिकियों के पास नौकरी

लेबर ऑफ ब्यूरो स्टेटिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में आधे से ज्यादा काले अमेरिकियों के पास नौकरी थी। हालांकि, कोरोना के कारण लागू हुए लॉकडाउन से पहले यह आंकड़ा 60 फीसदी के आसपास था। लेफ्ट विचारधारा वाले इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट की अर्थशास्त्री वैलेरी विल्सन के मुताबिक, काले अमेरिकी नौकरी जल्दी खोते हैं। यही कारण है कि उनकी बेरोजगारी दर हमेशा ज्यादा बनी रहती है।

काले अमेरिकियों की आय भी कम

गोरे अमेरिकियों की तुलना में काले अमेरिकियों की आय भी कम होती है। इसका कारण यह है कि वह कम भुगतान करने वाले सर्विस सेक्टर पर ज्यादा केंद्रित करते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में एक काला व्यक्ति सप्ताह में करीब 300 डॉलर कमाता है जबकि गोरा व्यक्ति 400 से ज्यादा डॉलर कमाता है।

गोरे अमेरिकियों के मुकाबले बचत सिर्फ 10 फीसदी

कम कमाने के कारण काले अमेरिकियों की बचत भी गोरे अमेरिकियों से कम है। फेडरल रिजर्व के डाटा के मुताबिक गोरे अमेरिकियों की बचत जहां 172 डॉलर के करीब हैं, वहीं काले अमेरिकियों की बचत केवल 17.6 डॉलर है। यह गोरे अमेरिकियों के मुकाबले केवल 10 फीसदी है।

सबसे कम घरों के मालिक हैं काले अमेरिकी

अमेरिका के सेंसस ब्यूरो के मुताबिक, घरों के मालिकाना हक के मामले में काले अमेरिकी सभी वर्गों में सबसे निचले पायदान पर हैं। अमेरिका में ओवरऑल करीब 62 फीसदी लोग अपने घर के मालिक हैं। वहीं केवल 42 फीसदी काले अमेरिकी ही अपने घरों के मालिक हैं। गोरे अमेरिकियों में यह आंकड़ा 70 फीसदी के करीब है।