कोरोनावायरस पर अपने 5वें संबोधन में मोदी ने लोकल के लिए वोकल बनने पर दिया जोर, मेक इन इंडिया को मिलेगी नई रफ्तार

  • प्रधानमंत्री ने कहा, इस मुश्किल वक्त में हमें लोकल ने ही सहारा दिया है
  • हमें लोकल उत्पाद खरीदने हैं और गर्व से उनका प्रचार भी करना है
  • लोकल के लिए वोकल अभियान से मेक इन इंडिया को मिलेगी नई जान

दैनिक भास्कर

May 12, 2020, 10:39 PM IST

नई दिल्ली.. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोनावायरस महामारी की स्थिति पर अपने पांचवें संबोधन में लोकल के लिए वोकल बनने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय ने हमें सिखाया है कि हमें लोकल को अपने जीवन का मूल मंत्र बना लेना चाहिए। जो ब्रांड आज ग्लोबल हैं, वे भी कभी लोकल थे। लेकिन जब वहां के लोगों ने उन ब्रांडों को सहयोग करना शुरू किया, तो वे ग्लोबल ब्रांड बन गए। इसलिए आज से हर भारतीय को लोकल के लिए वोकल होना चाहिए। मोदी के वोकल फॉर लोकल नार का मतलब यह है कि हर भारतीय को स्थानीय उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए और उनका खुल कर प्रचार भी करना चाहिए।

मेक इन इंडिया अभियान को नई जान मिलने की उम्मीद
वोकल फॉर लोकल अभियान से मोदी के मेक इन इंडिया अभियान को एक नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। मेक इन इंडिया मोदी का ड्र्रीम प्रोजेक्ट था। उन्होंने जोर-शोर से इसे आगे बढ़ाया था। लेकिन मेक इन इंडिया को उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिल पाई थी। अब कोरोनावायरस संकट के बीच लोकल के लिए वोकल बनने के इस नए अभियान से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को एक नई जान मिल सकती है।

कोरोनावायरस से लड़ते रहेंगे, लेकिन आगे भी बढ़ते रहेंगे

मोदी ने कहा कि वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोनावायरस हमारे जीवन का हिस्सा बना रहेगा। लेकिन हम कोरोनावायरस को अपने जीवन का केंद्र नहीं बनने दे सकते। हम मास्क पहनेंगे। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करेंगे। लेकिन कोरोनावायरस से अपने जीवन को प्रभावित नहीं होने देंगे। इसलिए लॉकडाउन का चौथा चरण नए रूप में होगा और उसके नियम भी नए होंगे। राज्यों के परामर्शों के आधार पर चौथे लॉकडाउन से संबंधित सूचना आपको 18 मई से पहले दी जाएगी। हम कोरोनावायरस से लड़ते रहेंगे, लेकिन हम आगे भी बढ़ते रहेंगें।

आत्म निर्भर भारत अभियान के लिए विशेष आर्थिक पैकेज

मोदी ने कहा कि मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा करता हूं। यह आत्मनिर्भर भारत के अभियान में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि महामारी के बाद भारत को आत्म निर्भर बनना है। जब कोरोनावायरस संकट शुरू हुआ था, तब भारत में एक भी पीपीई किट नहीं बनता था। कुछ ही एन95 माास्क उपलब्ध थे। आज भारत में रोज दो लाख पीपीई किट और दो लाख एन95 मास्क बनते हैं।

कुल 20 लाख करोड़ रुपए का हो गया कोरोना पैकेज

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी को लेकर सरकार ने अब तक जो भी घोषणाएं की हैं, आरबीआई ने जो भी फैसले किए हैं और आज के पैकेज को मिलाकर कोरोनावायरस पर भारत का अब तक का पूरा पैकेज कुल 20 लाख करोड़ रुपए का हो गया है। यह देश की जीडीपी के 10 फीसदी के बराबर है। गौरतलब है कि पहला लॉकडाउन 24 मार्च से 14 अप्रैल तक लागू था। दूसरा लॉकडाउन 15 अप्रैल से 3 मई तक था। अभी लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है, जो 4 मई से 17 मई तक के लिए लागू है। मोदी ने कहा कि लॉकडाउन का चौथा चरण पूरी तरह से नया होगा।