कैफे कॉफी डे में निवेश कर सकते हैं सिंगापुर के दो प्राइवेट इक्विटी फंड, कंपनी पर करीब 3 हजार करोड़ रुपए का कर्ज

  • सीडीजीएल और दोनों फंड हाउस के बीच कई दौर की वार्ता हुई
  • इक्विटी इंफ्यूजन या स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट के जरिए हो सकता है निवेश

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 02:36 PM IST

नई दिल्ली. भारत की सबसे बड़ी कॉफी रिटेल चेन कंपनी कैफे कॉफी डे की सब्सिडियरी कंपनी कॉफी डे ग्लोबल लिमिटेड (सीडीजीएल) में सिंगापुर के दो प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंड निवेश कर सकते हैं। इस निवेश को लेकर फंड हाउसों और सीडीजीएल के बीच बातचीत चल रही है। कंपनी अपना कर्ज चुकाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रही है। इसमें हिस्सेदारी बेचना भी शामिल है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई दौर की बातचीत हुई

सिंगापुर की प्राइवेट इक्विटी फर्म एसएसजी कैपिटल मैनेजमेंट और अफर्म कैपिटल (पूर्व में स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीई) की सीडीजीएल के प्रबंधन से बातचीत चल रही है। सीडीजीएल लिस्टेड कंपनी कॉफी डे एंटरप्राइजेज की सब्सिडियरी है। सीडीजीएल पूरे देश में कैफे कॉफी डे के 1470 स्टोर्स, 59,500 चाय-कॉफी वेंडिंग मशीन और अन्य रिटेल कारोबार का प्रबंधन करती है। सीडीजीएल में अफर्म, केकेआर और एनएसआर की हिस्सेदारी है। इस संभावित निवेश को लेकर कॉफी डे ग्रुप के उच्च प्रबंधन और एसएसजी-अफर्म के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कई दौर की बातचीत हो चुकी है। बातचीत में कॉफी डे के संस्थापक स्वर्गीय वीजी सिद्धार्थ की पत्नी मालविका हेगड़े भी शामिल रही हैं।

इक्विटी इंफ्यूजन के जरिए हो सकता है निवेश

ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक यह निवेश स्ट्रक्चर्ड क्रेडिट या फिर शुद्ध इक्विटी इंफ्यूजन के जरिए हो सकता है। हालांकि, अभी इस पर फैसला होना बाकी है। इस मामले से वाकिफ सूत्रों के मुताबिक, दोनों फंड हाउस वर्किंग कैपिटल इन्फ्यूजन, ऑपरेशन को फिर से पूरी क्षमता के साथ शुरू करने, कॉफी के रिटेल कारोबार की री-ब्रांडिंग जैसे प्रस्ताव रख सकते हैं। एसएलजी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह निवेश केवल तभी होगा, जब मौजूदा प्राइवेट इक्विटी फंड्स भी इसमें हिस्सा लेंगे। सूत्र के मुताबिक, तीन पीई निवेशक बातचीत कर रहे हैं और कोई भी ताजा इंफ्यूजन चारों के बीच सहमति होने के बाद ही होगा।

कॉफी-डे पर करीब 3 हजार करोड़ रुपए का कर्ज

सीडीजीएल लंबे समय से कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। 31 मार्च 2020 तक कंपनी पर करीब 3 हजार करोड़ रुपए का कर्ज था। कर्ज के दबाव में पिछले साल जुलाई में सीडीजीएल के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले सिद्धार्थ ने कंपनी के कर्मचारियों और निदेशक मंडल को पत्र लिखकर कहा था कि मैं एक उद्यमी के तौर पर विफल रहा। मैं उन सभी लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने के लिए माफी मांगना चाहता हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया।