ओला अपने यात्री और ड्राइवर की सुरक्षा के लिए 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी, 200 शहरों में दोबारा शुरू हुई सेवाएं

  • देशभर में कंपनी ने अलग-अलग हॉटस्पॉट और एयपोर्ट्स पर 500 से ज्यादा फ्यूमिगेशन सेंटर्स के नेटवर्क को स्थापित किया है
  • कंपनी ने नई पहल ‘राइड सेफ इंडिया’ शुरू की है, जिसका मकसद राइडर और ड्राइवर पार्टनर्स को सुरक्षा देना है

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 03:50 PM IST

नई दिल्ली. ऐप आधारित कैब सेवाएं देने वाली कंपनी ओला (OLA) ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते वैश्विक स्तर पर विभिन्न सुरक्षा पहलों पर 500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। ओला ने एक बयान में कहा कि उसने लॉकडाउन की पाबंदियों में ढील के बाद फिर से परिचालन शुरू कर दिया है। कंपनी अब 200 से अधिक शहरों में सेवाएं देने लगी है।
बता दें कि अब अनलॉक-1 लागू किया गया है जिसके तहत लोगों को बहुत सी रियायतें दी गई हैं। इस बीच लोगों को वायरस से बचने के लिए तमाम सावधानियां बरतना जरूरी है। कंपनियां भी अपनी ओर से इस दिशा में कदम उठा रही हैं।

एयरपोर्ट्स और हॉटस्पॉट इलाकों में बनाए गए ‘फ्यूमिगेशन सेंटर’

कंपनी के प्रवक्ता आनंद सुब्रमण्यिन ने कहा कि ओला ने एयरपोर्ट्स और विभिन्न हॉटस्पॉट इलाकों में वाहनों के लिए 500 से अधिक स्वच्छता केंद्र (फ्यूमिगेशन सेंटर) बनाए हैं। सभी वाहनों के लिए 48 घंटे में एक बार स्वच्छता करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही हर राइड के बाद ड्राइवरों को नियमित वाइप डाउन और वाहन में ज्यादा छूए जाने वाली जगहों का सैनिटाइजेशन भी करना होगा। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर विभिन्न सुरक्षा पहलों के लिए 500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता से आवागमन के नए मानकों का मार्ग प्रशस्त करने में मदद मिलेगी।

‘राइड सेफ इंडिया’ पहल की शुरूआत 

कंपनी ने एक नई पहल ‘राइड सेफ इंडिया’ भी शुरू की है। कंपनी ने कहा कि यह पहल ओला कैब, ओला ऑटो और ओला बाइक राइड समेत उसकी हर पेशकश पर लागू है। कंपनी ने कहा कि वह अपने ड्राइवर पार्टनर्स और यात्रियों को महामारी के खिलाफ लॉकडाउन के बाद सुरक्षित और विश्वसनीय मोबिलिटी अनुभव देगी। राइड सेफ इंडिया का मकसद राइडर और ड्राइवर पार्टनर्स को सुरक्षा के साथ रोकथाम और सैनिटाइजेशन प्रोटोकॉल के ऊंचे मानकों की सुविधा देना है।