ओएनजीसी को तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा घाटा, तेल और गैस की कीमतें घटने से 3,098 करोड़ रुपए का नुकसान

  • ऑफशोर बिजनेस का रेवेन्यू 13 प्रतिशत गिरकर 63,521 करोड़ रुपए रहा
  • ऑनशोर बिजनेस का रेवेन्यू 10.8 प्रतिशत गिरकर 32,691 करोड़ रहा है

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 10:38 PM IST

मुंबई. सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) को मार्च तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा तिमाही घाटा हुआ है। कंपनी का शुद्ध घाटा 3,098 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में उसे 4,239 करोड़ रुपए का लाभ हुआ था। यह घाटा तेल और गैस की कीमतों में अचानक कमी आने से हुआ है।

दिसंबर तिमाही में लाभ 4,226 करोड़ रुपए था

कंपनी ने मंगलवार को अपना वित्तीय परिणाम जारी किया। कंपनी ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका लाभ 4,226 करोड़ रुपए था। देश की सबसे प्रमुख तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी के घाटे की प्रमुख वजह तेल और गैस के भाव में गिरावट के चलते चलते कंपनी के खाते में असेट्स का वैल्यूएशन पहले से कम किया जाना है। कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी शशि शंकर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें गिरने से 2019-20 की चौथी तिमाही में कंपनी को परिसंपत्तियों पर 4,899 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के दौरान लाभ कमाया है। 

रेवेन्यू 19.8 प्रतिशत गिरकर 21,456 करोड़ रुपए रहा

मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 19.8 प्रतिशत गिरकर 21,456 करोड़ रुपए रहा है। अन्य आय में 44.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह 1,325 करोड़ रुपए रही है। कंपनी का स्टैंडअलोन लाभ 49.8 प्रतिशत गिरकर पूरे साल के लिए 13,444 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले यह 26,765 करोड़ रुपए था। इसी अवधि में रेवेन्यू 12.3 प्रतिशत गिरकर 96,213 करोड़ रुपए रहा है।

कच्चे तेल का उत्पादन 58.2 लाख टन रहा

जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी का कच्चा तेल उत्पादन मामूली गिरकर 58.2 लाख टन रहा जो पिछले साल इसी अवधि में 59 लाख टन था। इसके ऑफशोर बिजनेस से आनेवाले रेवेन्यू में भी गिरावट आई है। यह 13 प्रतिशत गिरकर 63,521 करोड़ रुपए रहा है। ऑनशोर बिजनेस का रेवेन्यू 10.8 प्रतिशत गिरकर 32,691 करोड़ रुपए रहा है। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों में 49.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि कैलेंडर साल यानी जनवरी से अब तक की पहली छमाही में इसका शेयर 36.8 प्रतिशत गिरा है।