एसबीआई ने गोल्ड मोनेटाइजेशन योजना के जरिये जुटाया 13,212 किलोग्राम सोना

  • 2019-20 में देश के सबसे बड़े बैंक ने 3,973 किलोग्राम गोल्ड जुटाया
  • सॉवरेन गोल्ड बांड से बैंक ने पिछले कारोबारी साल में 647 किलोग्राम सोना जुटाया

दैनिक भास्कर

Jun 22, 2020, 06:10 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (जीएमएस) के जरिये 13,212 किलोग्राम पारिवारिक और संस्थागत गोल्ड जुटाया है। यह बात सरकारी बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कही। रिपोर्ट के मुताबिक कारोबारी साल 2019-20 में देश के सबसे बड़े बैंक ने 3,973 किलोग्राम गोल्ड जुटाया है। सरकार ने व्यक्तियों और ट्रस्ट के पास पड़े गोल्ड का उपयोग करने के लिए जीएमएस योजना लांच की थी।

2015 में लांच हुई थी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम

रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक ने पिछले कारोबारी साल में 3,973 किलोग्राम गोल्ड जुटाया। इससे बैंक द्वारा जुटाया गया कुल गोल्ड बढ़कर 13,212 किलोग्राम हो गया। सरकार ने नवंबर 2015 में गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम लांच की थी। इसका मकसद परिवारों और संगठनों के पास पड़े हुए गोल्ड को इकट्‌ठा कर उसे उत्पादक कार्यों में लगाना है। इस योजना का एक अन्य मकसद गोल्ड का आयात घटाना भी है।

बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बांड से जुटाया 5,098 किलोग्राम सोना

बैंक ने कहा कि पिछले कारोबारी साल में उसने सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी) के जरिये 647 किलोग्राम सोना जुटाया, जिसका कुल मूल्य 243.91 करोड़ रुपए है। इस तरह से सॉवरेन गोल्ड बांड योजना लांच होने के बाद अब तक बैंक ने इस योजना के जरिये 5,098 किलोग्राम गोल्ड (1,561 करोड़ रुपए) जुटा लिया है। सॉवरेन गोल्ड बांड योजना सरकार ने 2015-16 में लांच की थी। इसका मकसद निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड की जगह डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देना था।

बैंक ने 22,255 किलोग्राम का मेटल गोल्ड लोन दिया

बैंक से आभूषण निर्माता मेटल गोल्ड लोन भी लेते हैं। इससे वे आभूषण बनाते हैं, जिसे घेरलू व विदेशी बाजारों में बेचा जाता है। बैंक ने पिछले कारोबारी साल में आभूषण निर्माताओं को 22,255 किलोग्राम का मेटल गोल्ड लोन दिया था। इसके साथ ही सेल ऑफ गोल्ड योजना के तहत बैंक ने आभूषण निर्माताओं और व्यापारियों को 2,522 किलोग्राम सोना बेचा।