एविएशन इंडस्ट्री को लगेगा झटका, वित्तीय वर्ष 2021 में रेवेन्यू ग्रोथ में 44 प्रतिशत तक गिरावट की आशंका : इक्रा

  • सेक्टर को उबरने के लिए 350 अरब रुपए की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी
  • घरेलू ट्रैफिक के रेवेन्यू ग्रोथ में 41-46 फीसदी तक की गिरावट होने की संभावना 

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 08:33 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस वैश्विक महामारी के चलते एविएशन इंडस्ट्री बूरी तरफ से प्रभावित हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष 2021 में एविएशन सेक्टर के राजस्व में 44 फीसदी तक की कमी होने की संभावना है। इंक्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान सेवा कंपनियों को अपना अस्तिव बचाए रखने के लिए तीन साल में 350 अरब रुपए अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी।

सेक्टर को उबरने के लिए 350 अरब रुपए की अतिरिक्त पूंजी चाहिए
इक्रा के अनुसार, घरेलू हवाई सेवा देने वाली कंपनियों की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में घरेलू ट्रैफिक के रेवेन्यू ग्रोथ में 41-46 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है, जबकि अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक में यह गिरावट 67-72 प्रतिशत तक हो सकती है। इक्रा के उपाध्यक्ष किंजल शाह ने कहा कि देशव्यापी लाॅकडाउन के दौरान विमानन कंपनियों को रोजाना 75 से 90 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो रहा है और लाॅकडाउन के बाद मांग में कमी देखी जा सकती है। सेक्टर को उबरने के लिए 325 से 350 अरब रुपए की अतिरिक्त पूंजी की जरूरत होगी। अगले वित्त वर्ष 2021-22 में ऋण बढ़कर 465 बिलियन डाॅलर हो जाएगी। कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप पर रोकथाम के लिए लागू देशव्यापी लाॅकडाउन के चलते घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह से बंद है। इसके चलते घरेलू यात्रियों की संख्या में पिछले सात साल की तुलना में अब तक सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है।

आर्थिक संकट से जुझ रहीं एयरलाइन कंपनियां
इक्रा के मुताबिक, मौजूदा संकट में भी कुछ विमानन कंपनियों की वित्तीय स्थिति ठीक है लेकिन अधिकतर कंपनियां आर्थिक संकट से गुजर रही है, कुछ पहले से पहले से दबाव में हैं। कई एयरलाइन कंपनियों ने अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती की है और कर्मचारियों को बिना वेतन ही अवकाश पर भेज दिया है। लागत कम करने के लिए पायलट्स और केबिन क्रू की छंटनी भी शुरू हो गई है। यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक नकदी की समस्या खत्म नहीं हो जाती है।