एलआईसी ने पीएम वय वंदना योजना को तीन साल तक बढ़ाया, 7.40 प्रतिशत का सुनिश्चित ब्याज मिलेगा

  • पेंशनर की मृत्यु होने पर उसके नॉमिनी को खरीदी कीमत की वापसी कर दी जाएगी
  • इस स्कीम से गंभीर बीमारियों के दौरान निकलने पर सरेंडर वैल्यू 98 प्रतिशत होगी

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 09:44 PM IST

मुंबई. देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को तीन साल के लिए बढ़ा दिया है। इसमें 60 साल और इससे ऊपर के नागरिकों को मिलने वाले पेंशन की दर में सुधार किया गया है। यह जानकारी एलआईसी ने एक प्रेस रिलीज में दी है।  

वित्तमंत्री ने आर्थिक पैकेज के दौरान की थी घोषणा

बता दें कि वित्तमंत्री ने आर्थिक पैकेज के दौरान वय वंदना योजना को तीन साल तक बढ़ा दिया था। यही कारण है कि एलआईसी ने भी इसे बढ़ा दिया है। एलआईसी इस योजना के लिए पूरी तरह से अधिकृत है। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना (2020 सुधारित) एक नॉन -लिंक्ड, नॉन -पार्टिसिपेटिंग, पेंशन स्कीम है, जिसे भारत सरकार ने सब्सिडी दी है। यह पेंशन प्लान बिक्री के लिए 26 मई से उपलब्ध होगी जो 31 मार्च 2023 तक रहेगी। इसे एलआईसी की वेबसाइट या ऑफलाइन भी खरीदा जा सकता है।

7.40 प्रतिशत का मिलेगा रिटर्न, 10 साल का होता है टर्म

इस पॉलिसी का टर्म 10 सालों का होता है और 31 मार्च 2021 तक बेची गई पॉलिसी के लिए 7.40 प्रतिशत सालाना की दर से सुनिश्चित भुगतान किया जाएगा। इसे मासिक दिया जाएगा। यानी यह सालाना 7.66 प्रतिशत के बराबर हो जाता है। 31 मार्च 2021 के बाद जो पॉलिसी बेची जाएगी, उसके पेंशन की दर बाद में समीक्षा कर तय की जाएगी। इसे वित्त मंत्रालय द्वारा वित्तीय वर्ष की शुरुआत में तय किया जाएगा।

एकमुश्त इस पॉलिसी को खरीद सकते हैं

इस स्कीम को एकमुश्त भुगतान कर खरीदा जा सकता है। पेंशनर के पास यह विकल्प होगा कि वह पेंशन की राशि चुने या खरीदी कीमत को चुने। खरीदी के समय पेंशनर मासिक, तिमाही, छमाही या सालाना पेंशन का चयन कर सकता है। प्लान की मासिक न्यूनतम खरीदी 162,162 रुपए की हो सकती है। तिमाही में यह 161,074 रुपए, छमाही में 159,574 रुपए और सालाना 156,658 रुपए में हो सकती है। इसके तहत अधिकतम पेंशन 9,250 रुपए की मासिक मिल सकती है। तिमाही में यह 27,750 रुपए, छमाही में 55,500 रुपए और सालाना 111,000 रुपए हो सकती है।

इस स्कीम में लोन भी लिया जा सकता है

पॉलिसी टर्म के दौरान पेंशनर की मृत्यु होने पर उसके नॉमिनी या कानूनी वारिस को खरीदी कीमत की वापसी कर दी जाएगी। इस योजना के तहत तीन पॉलिसी सालों के बाद 75 प्रतिशत तक खरीदी कीमत का लोन भी लिया जा सकता है। इस स्कीम से गंभीर बीमारियों के दौरान निकला भी जा सकता है। इसकी सरेंडर वैल्यू 98 प्रतिशत खरीदी कीमत की होगी।