एयर ट्रैफिक को कोविड से पहले के स्तर तक पहुंचने में कई वर्षों का समय लग सकता है: बोइंग

  • अंतरराष्ट्रीय के मुकाबले घरेलू एयर ट्रैफिक में तेज रिकवरी होगी
  • भारत समेत एशियाई देशों से मिल रहे हैं धीमी रिकवरी के संकेत

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 03:45 PM IST

नई दिल्ली. दिग्गज विमान निर्माता कंपनी बोइंग ने मंगलवार को कहा कि एयर ट्रैफिक को कोविड से पहले के स्तर पर पहुंचने में कई सालों का समय लग सकता है। बोइंग के प्रोडक्ट मार्केटिंग डायरेक्टर जिम हैस ने कहा कि कुछ एशियाई देशों में घरेलू एयर ट्रैफिक में धीमी रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं।

घरेलू ट्रैफिक में होगी तेज रिकवरी

हैस ने कोविड-19 की रोकथाम के लिए विभिन्न देशों की सरकारों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों में ढीली दी जा रही है। इससे लोगों का एक राज्यों से दूसरे राज्यों में आवागमन शुरू हो गया है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक के मुकाबले घरेलू एयर ट्रैफिक में तेज रिकवरी होगा। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रैफिक में रिकवरी विभिन्न देशों के सरकारों की ओर स लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने में लगने वाले समय पर निर्भर करेगी।

सरफेश को डिसइंफेक्ट करने के लिए डवलप किया यूवी वेंड

कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऑन-बोर्डिंग हाइजीन और सेफ्टी स्टैंडर्डस को बढ़ाने के लिए बोइंग ने यूवी वेंड डवलप किया है। इससे सरफेश को डिसइंफेक्ट रखने में मदद मिलेगी। बयान के मुताबिक, अभी यह वेंड प्रोटोटाइप स्टेज में है और इस साल के अंत तक इसका कमर्शियर उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। इसके अळावा कंपनी एंटी-माइक्रोबियल सरफेस और हैंड सैनेटाइजर पर भी काम कर रही है। एंटी-माइक्रोबियल सरफेस एक तरह का पेंट हैं जिससे एयरक्राफ्ट के अंदरुनी हिस्सों पर कोटिंग की जा सकती है। 

एविएशन इंडस्ट्री को 19 लाख करोड़ के नुकसान की संभावना

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्टेशन एसोसिएशन (आईएटीए) के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के कारण दुनियाभर के देशों में मार्च के बाद लॉकडाउन लागू हो गया था। इससे एयरलाइन इंडस्ट्री को 252 बिलियन डॉलर करीब 19 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की संभावना है। 

भारतीय इंडस्ट्री को 83 हजार करोड़ के नुकसान की संभावना

आईएटीए के मुताबिक, लॉकडाउन के कारण भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को इस साल 11 बिलियन डॉलर करीब 83 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इससे घरेलू एविएशन इंडस्ट्री को 47 फीसदी एयर ट्रैफिक का नुकसान होगा। एयर ट्रैफिक में कमी के कारण घरेलू एविएशन इंडस्ट्री में 30 लाख नौकरियों पर संकट बना हुआ है।

25 मई से शुरू हुई घरेलू विमानन सेवाएं

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन प्रतिबंधों में छूट देना शुरू कर दिया है। इसके तहत सरकार ने घरेलू विमान सेवाओं को मंजूरी दे दी है। देश में 25 मई से घरेलू विमानन सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। देश में करीब दो महीने बाद विमानन सेवाएं शुरू हुई हैं। पहले दिन 532 उड़ानों से 39,231 यात्रियों को उनकी मंजिलों तक पहुंचाया गया। हालांकि, करीब 630 उड़ानें रद्द भी हुईं।

हालात सामान्य होने पर शुरू होंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 23 मई को फेसबुक लाइव सेशन में सवालों के जवाब दिए थे। उन्होंने कहा था कि अगस्त-सितंबर से पहले हम इंटरनेशनल फ्लाइट्स सेवाएं शुरू कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले कोरोना के हालात का आकलन करना पड़ेगा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी और एयरलाइंस पूरी तरह से तैयार हैं। हम इन्हें जून-जुलाई में भी शुरू कर सकते हैं। हालांकि, विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए वंदे भारत मिशन के तहत कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चल रही हैं।

करीब 20 एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

देश के करीब 20 हवाईअड्डों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मिलती हैं। इन एयरपोर्ट्स से 55 देशों के 80 शहरों तक पहुंच सकते हैं। दुनिया के कई देश कोरोना की चपेट में हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक जारी रखना जरूरी है। स्टेटिस्टा के मुताबिक, भारत में 2019 में करीब 7 करोड़ लोगों ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सफर किया।