एमएसएमई की मदद के लिए गडकरी ने शुरू की 20,000 करोड़ रुपए की गारंटी कवर देने की योजना, वित्तीय दबाव झेल रहे छोटे व्यवसायों को मिलेगी राहत

  • यह फाइनेंस योजना उन एमएसएमई की मदद के लिए शुरू की गई है जो काफी दबाव में हैं और बैंकों ने उन्हें एनपीए की कैटेगरी में डाल दिया है
  • वित्तीय दबाव झेल रहे एमएसएमई के प्रमोटर्स को अतिरिक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस ऋण गारंटी योजना की शुरुआत की गई है

दैनिक भास्कर

Jun 24, 2020, 06:34 PM IST

नई दिल्ली. केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को वित्तीय दबाव झेल रहे दो लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अतिरिक्त लोन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 20,000 करोड़ रुपए की लोन गारंटी योजना की शुरुआत की। यह फाइनेंस योजना उन एमएसएमई की मदद के लिए शुरू की गई है जो काफी दबाव में हैं और बैंकों ने उन्हें नॉन परफार्मेंस असेट्स (एनपीए) की कैटेगरी में डाल दिया है। ऐसे एमएसएमई के प्रमोटर्स को अतिरिक्त कर्ज सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस ऋण गारंटी योजना की शुरुआत की गई है।

वित्त मंत्री ने इसका ऐलान आत्मनिर्भर पैकेज में किया था

योजना के तहत 20,000 करोड़ रुपए का गारंटी कवर ऐसे प्रमोटर्स को उपलब्ध कराया जाएगा जो कि कर्ज में फंसी एमएसएमई इकाई में इक्विटी के रूप में और निवेश कर सकते हैं। साथ ही उसके लिए बैंकों से कर्ज लेना चाहते हैं। हाल में ऐसा देखा गया है कि दबाव के दौर से गुजर रही एमएसएमई के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती कर्ज और इक्विटी के तौर पर पूंजी प्राप्त करने को लेकर है। इस स्थिति को देखते हुए 13 मई 2020 को जारी आत्मनिर्भर पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑपरेशन में बने लेकिन दबाव झेल रहे एमएसएमई के लिए एक योजना की घोषणा की थी। इसके तहत प्रमोटर्स को उनके पुराने कर्ज की तुलना में अतिरिक्त छोटा कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।

नागपुर में गडकरी ने लांच की योजना 

योजना को लेकर तमाम जरूरी औपचारिकताओं को सिडबी, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक के साथ पूरा कर लिया गया है। इसी के बाद आज नागपुर में केंद्रीय मंत्री गडकरी ने योजना को जारी किया। योजना के तहत उन एमएसएमई को कामकाज आगे बढ़ाने के लिये कर्ज की सहायता उपलब्ध होगी जिनका बैंक खाता 30 अप्रैल 2020 को एनपीए हो गया और वह दबाव में हैं।

योजना के तहत कर्ज पर 90% गारंटी कवर सरकार की तरफ से दिया जाएगा 

ऐसे एमएसएमई के प्रवर्तकों को उनकी इक्विटी जमा रिण हिस्सेदारी के 15 प्रतिशत के बराबर या फिर 75 लाख रुपए जो भी कम राशि होगी, उसके बराबर अतिरिक्त छोटा कर्ज दिया जाएगा। इस कर्ज को प्रमोटर उद्यम में इक्विटी निवेश के तौर पर डालेंगे जिससे की उस उपक्रम के ऋण- इक्विटी अनुपात में सुधार आएगा। योजना के तहत कर्ज पर 90 प्रतिशत गारंटी कवर सरकार की तरफ से दिया जाएगा जबकि शेष 10 प्रतिशत प्रमोटर्स की तरफ से दिया जाएगा। इस योजना में सात साल तक मूल धन के लौटाने पर रोक होगी जबकि अधिकतम 10 साल में यह कर्ज लौटाना होगा।