एफआईआई के पलायन से मार्च तिमाही में डीआईआई की हिस्सेदारी बढ़कर रिकॉर्ड 14.8 प्रतिशत के उच्च स्तर पर पहुंची

  • बाजार में गिरावट से सस्ते शेयरों को खरीद रहे हैं डीआईआई
  • एनटीपीसी, आयशर मोटर्स और ओएनजीसी में बढ़ी हिस्सेदारी

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 01:46 PM IST

मुंबई. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के पलायन के प्रभाव को आंशिक रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) के निवेश ने कम किया है। एक्सिस कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2020 तिमाही में भारतीय शेयरों में डीआईआई की होल्डिंग 14.8 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर आ गई। इससे पता चलता है कि भारतीय शेयर बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशक सस्ते शेयरों की खरीदी कर रहे हैं।

डीआईआई में म्यूचुअल फंड, बीमा, पेंशन फंड होते हैं

डीआईआई मुख्य रूप से स्थानीय म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियां, स्थानीय पेंशन फंड और बैंकिंग और वित्तीय संस्थान होते हैं। घरेलू प्रवाह (डोमेस्टिक फ्लो) की सीमा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष की शुरुआत से स्थानीय पेंशन फंडों के एयूएम में 20 प्रतिशत और बैंकों के ट्रेजरी के एयूएम में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जबकि कुल संस्थागत एयूएम में 16.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

अप्रैल में डीआईआई का एयूएम 20.4 लाख करोड़ था

अप्रैल 2020 में डीआईआई और एफआईआई का एयूएम क्रमश: 20.4 लाख करोड़ रुपए और 24.4 लाख करोड़ रुपए था। 2020 की शुरुआत से अब तक इसमें क्रमशः 10 प्रतिशत और 21.3 प्रतिशत की गिरावट आई है। साल में अब तक, डीआईआई ने 72,000 करोड़ रुपए के करीब निवेश किया है।एफआईआई ने 39,000 करोड़ निकाले हैं। एफपीआई-डीआईआई का अनुपात अप्रैल 2020 में अप्रैल 2015 के उच्चतम 3.8 से घटकर 1.2 हो गया।

घरेलू निवेशकों ने 106 कंपनियों में हिस्सेदारी बढ़ाई है

बीएसई-500 इंडेक्स के कुल फ्री-फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन के करीब एक तिहाई तक डीआईआई की होल्डिंग पहुंच गई है। घरेलू निवेशकों ने 106 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी 1 फीसदी से ज्यादा बढ़ाई और मार्च 2020 तिमाही के दौरान बीएसई के 500 इंडेक्स में 42 में कांट-छांट की। बीएसई-500 इंडेक्स में एफआईआई होल्डिंग 70 बेसिस प्वाइंट्स गिरकर 21.5 फीसदी पर आ गई। उन्होंने निफ्टी 50 की 27 कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई।

मार्च तिमाही में डीआईआई ने 15,000 करोड़ से ज्यादा निवेश किया

प्रमुख बड़ी कंपनियां में जहां डीआईआई ने मार्च तिमाही में 15,000 करोड़ से अधिक निवेश कर हिस्सेदारी बढ़ाई है, उसमें पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, आयशर मोटर्स, एनटीपीसी, कोल इंडिया और ओएनजीसी हैं। बता दें कि हाल में बाजार में गिरावट से कई शेयरों की कीमत निचले स्तर पर चली गई थी। इस वजह से सस्ते शेयरों को डीआईआई खरीदने में दिलचस्पी ले रहे हैं।