एजीआर बकाया का प्रोविजन करने से वोडाफोन आइडिया को वित्त वर्ष 2019-20 में 73,878 करोड़ रुपए का घाटा, देश की किसी भी कंपनी का सबसे बड़ा नुकसान

  • कंपनी को वित्त वर्ष 2018-19 में 14,603 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था
  • कंपनी को 51,400 करोड़ रुपए एजीआर बकाया के रूप में चुकाना है

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 01:15 PM IST

मुंबई. देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया को वित्तवर्ष 2019-20 में 73,878 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है। देश की किसी भी कंपनी का यह अब तक का सबसे बड़ा घाटा है। वित्त वर्ष 2018-19 के दौरान यह घाटा 14,603.9 करोड़ रुपए था। कंपनी को यह नुकसान एजीआर के बकाए का प्रोविजन करने के कारण हुआ है। कंपनी पर 51,400 करोड़ रुपए का एजीआर बकाया है।

मार्च तिमाही के दौरान 11,643 करोड़ रुपए का घाटा

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया था कि वह एजीआर बकाए का रोडमैप बताए और इसका पेमेंट करे। 51,400 करोड़ रुपए एजीआर के रूप में चुकाने हैं। कंपनी ने कहा कि इस देनदारी के कारण हमारा कामकाज जारी रहेगा, इसे भी लेकर संदेह है। वोडाफोन आइडिया (वीआईएल) ने बताया कि मार्च तिमाही के दौरान उसका शुद्ध नुकसान 11,643.5 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले की समान तिमाही के दौरान 4,881.9 करोड़ रुपए था।

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 6,439 करोड़ का नुकसान हुआ था

अक्टूबर-दिसंबर 2019 तिमाही में 6,438.8 करोड़ रुपए उसका नुकसान था। कंपनी ने बताया कि मार्च 2020 तिमाही के दौरान परिचालन से आय 11,754.2 करोड़ रुपए रही। उधर इस रिजल्ट के बाद कंपनी का शेयर बीएसई पर 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 10.28 रुपए पर कारोबार कर रहा था। वोडाफोन आइडिया के एमडी और सीईओ रविंदर टक्कर ने कहा कि रैपिड नेटवर्क इंटीग्रेशन के साथ-साथ 4जी कवरेज और क्षमता विस्तार पर ध्यान देने से हमारा ग्राहकों के साथ अनुभव और बेहतर हुआ है।

4 जी डेटा डाउनलोड के रेस में बने हुए हैं

इस प्रकार हम कई राज्यों, महानगरों और बड़े शहरों में 4जी डेटा डाउनलोड के रेस में बने हुए हैं। हमने अपना पूरा ओपेक्स विलय के तालमेल ला लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि एजीआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई जुलाई के तीसरे सप्ताह में होनी है। उन्होंने कहा, “इस बीच, हम उद्योग के लिए एक व्यापक राहत पैकेज की मांग करने वाली सरकार के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। 

कुल कर्ज 87,650 करोड़ रुपए पर पहुंचा

31 मार्च, 2020 तक कुल कर्ज (लीज लायबिलिटी को छोड़कर), 87,650 करोड़ रुपए की सरकारी स्पेक्ट्रम भुगतान की देरी सहित 1,15,000 करोड़ रुपए था। “नेटवर्क इंटीग्रेशन पूरा होने के अंतिम चरण में है, लेकिन कोरोना के कारण राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से यह प्रभावित हुआ है। कंपनी ने कहा कि आज की तारीख में हमने कुल जिलों के 92 प्रतिशत में नेटवर्क इंटीग्रेशन पूरा कर लिया है। हालांकि कंपनी का हर ग्राहक पर औसत रेवेन्यू सुधरकर 121 रुपए हो गया है। दिसंबर में यह 109 रुपए था।

ग्राहकों की संख्या में गिरावट आई 
कंपनी का सब्सक्राइबर बेस मार्च तिमाही में 291 मिलियन हो गया। दिसंबर में यह 304 मिलियन था।एजीआर बकाए पर कंपनी ने कहा कि उसने कुल 46,000 करोड़ रुपए की अनुमानित देनदारी को मान्यता दी है। गौरतलब है कि वोडाफोन आइडिया ने इंडस-इंफ्राटेल विलय के पूरा होने पर इंडस टावर्स में अपनी 11.15 प्रतिशत हिस्सेदारी से कमाई करने की योजना बनाई है। कंपनी ने कहा कि अपने समग्र प्रदर्शन पर महामारी का सामग्री पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है, लेकिन यह स्थिति पर बारीकी से नजर बनाये हुए है।