एचडीएफसी बैंक के मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधे से मामूली ज्यादा है देश के सभी सरकारी बैंकों का वैल्यू

  • 13 लिस्टेड सरकारी बैंकों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.55 लाख करोड़ रुपए
  • सबसे बड़े बैंक एसबीआई का मार्केट कैपटलाइजेशन 1.35 लाख करोड़ रुपए

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 06:29 PM IST

मुंबई. सभी सरकारी बैंकों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) भारत के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के आधे के मूल्य से थोड़ा अधिक है। शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद उनके शेयरों की कीमतों के अनुसार 13 लिस्टेड सरकारी बैंकों का बाजार कैपिटलाइजेशन 2.55 लाख करोड़ रुपए रहा, जबकि एचडीएफसी बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4.6 लाख करोड़ रुपए था।

सरकारी और निजी बैंकों में और बढ़ेगा अंतर

विश्लेषकों को उम्मीद है कि यह अंतर और बढ़ेगा। क्योंकि निजी बैंकों को अपने सार्वजनिक क्षेत्र के कंपटीटर्स से बाजार हिस्सेदारी पर ज्यादा कब्जा जारी रखने की उम्मीद है। साथ ही लॉकडाउन के बाद निजी क्षेत्र की तुलना में उनकी लोन बुक्स भी तेजी से खराब होने की संभावना है। उन्हें खासकर एनपीए में बढ़ोतरी का खामियाजा भुगतना होगा। उनके समग्र हिस्से में एमएसएमई सेगमेंट का अधिक एक्सपोजर है।

आईसीसीआईडायरेक्ट की एनालिस्ट काजल गांधी ने कहा कि पीएसयू बैंक सरकार द्वारा दी गई विभिन्न क्रेडिट गारंटी स्कीम्स में ज्यादा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले सकते हैं।

कोटक महिंद्रा बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 2.22 लाख करोड़ 

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का मार्केट कैपिटलाइजेशन शुक्रवार को 1.35 लाख करोड़ रुपए था। सार्वजनिक क्षेत्र के इन बैंकों का कुल मार्केट कैप और भी कम होता। प्राइवेट सेक्टर के लेंडर्स में, कोटक महिंद्रा बैंक 2.22 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप के साथ दूसरा सबसे मूल्यवान बैंक है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स बुधवार को एक दशक से अधिक की गिरावट के साथ 1,078.45 पर बंद हुआ।

मार्च से लेकर अब तक निफ्टी 20 प्रतिशत बढ़ा है

निफ्टी ने 24 मार्च को अपने 52 सप्ताह के निचले स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ा है। वहीं बैंक निफ्टी एक ही दिन 16116.25 के 52 सप्ताह के निचले स्तर से 7.2  प्रतिशत ऊपर है। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 24 मार्च को अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर 8,487.25 के स्तर से 11 प्रतिशत ऊपर है। उन्होंने कहा कि हम पीएसयू बैंकों को लोन देने के जोखिम के विचार से सहमत नहीं हैं। सरकार से बिना किसी बैकस्टॉप के कोविड-19 के कारण उनकी साख खराब हो गई है।

सरकारी बैंक लगातार पीछे हो सकते हैं

आईआईएफएल में रिसर्च के प्रमुख अभिमन्यु सोफत ने कहा कि दूसरी ओर, लोअर रिवर्स रेपो बैंकों के लिए आय पैदा करने के अवसर में और कटौती करेगा। सोफत पीएसयू बैंकों में सिर्फ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पर भरोसा रखते हैं। एलारा सिक्योरिटीज में इंस्टीट्यूशनल इक्विटी रिसर्च के प्रमुख रवि सुंदर मुथुकृष्णन का भी मानना है कि पीएसयू बैंक लगातार पिछड़ सकते हैं। मुथुकृष्णन ने कहा, ब्याज दरों में गिरावट के साथ, आम तौर पर सभी के लिए डिपॉजिट मुश्किल होगा। पीएसयू बैंक ज्यादा मुश्किल स्थिति में होंगे।

उन्होंने कहा कि अगर कोई वास्तव में पीएसयू बैंकों में निवेश करना चाहता है, तो एसबीआई एक बेहतर विकल्प है। कुल मिलाकर, हम इस क्रम में एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंकों को पसंद करते हैं।