इसलिए जरूरी है घर और स्वास्थ्य का बीमा कराना, इमर्जेंसी स्थितियों में लाखों रुपयों के खर्च घटकर हजारों में आ जाते हैं

  • स्वास्थ्य और प्रॉपर्टी कभी भी आपको इमर्जेंसी फंड के लिए मजबूर कर सकती है
  • कुछ रुपयों में बीमा लेकर इन दोनों पर खर्च होनेवाले लाखों रुपए की बचत कर सकते हैं

दैनिक भास्कर

Jun 22, 2020, 05:49 PM IST

मुंबई. भारत में वैसे बीमा सुरक्षा को लेकर बहुत ज्यादा जागरुकता नहीं है। इसलिए लोग अक्सर बीमा लेने में आनाकानी करते हैं। चाहे लाइफ इंश्योरेंस हो, हेल्थ इंश्योरेंस हो या फिर घरों का बीमा कराने की बात हो, कोई ध्यान नहीं देता है। हालांकि मोटर बीमा जरूर ज्यादा है क्योंकि यह अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घरों और स्वास्थ्य का बीमा इमर्जेंसी स्थितियों में आपको दिवालिया होने से बचा सकता है।  

अम्फान जैसे तूफानों में बीमा आपकी जिंदगी बदल देता है

उदाहरण के तौर पर देखते हैं। अभी हाल में पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में अम्फान तूफान आया था। इसमें लाखों लोगों के घर तबाह हो गए। अब उनको घर बनाने के लिए फिर से 20-25 लाख रुपए खर्च करने होंगे। ऊपर से जो दिक्कतें होंगी वह अलग। निश्चित तौर पर हर किसी के पास इतनी राशि नहीं होगी। ऐसे में अगर किसी ने घरों का बीमा लिया होगा तो उसके लिए बस कुछ दिन की दिक्कत है, जबकि घरों को बनाने की लागत अब बीमा कंपनी को देनी होगी।

कैंसर पर होने वाले खर्च से जब घर बिकने की नौबत आ जाए

दूसरा उदाहरण देखते हैं। हाल में एक कैंसर मरीज ने मुंबई के एक अस्पताल में इलाज कराया। उसका कुल बिल 22 लाख रुपए हुआ। हालांकि बावजूद इसके उसकी मृत्यु हो गई। इस मरीज के पास 18 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा था। अगर आपके पास बीमा नहीं है तो आपको ऐसी स्थिति में या तो घर बेचना होगा या कर्ज लेना होगा, जो आपके लिए एक और मुश्किल परिस्थिति में डाल सकता है।

बीमा क्यों जरूरी है? बीमा इसीलिए जरूरी है कि आपातकालीन स्थितियों में या किसी भी स्थिति में वह आप पर पैसे का कोई दबाव नहीं आने देता है।

घर बनाने में पूरी जमा पूंजी चली जाती है, लेकिन 5 रुपए का बीमा नहीं लेते हैं

हम सभी बड़ी मेहनत से सारी जमा पूंजी लगाकर अपने सपनों का घर खरीदते हैं और फिर इसे सेफ़्टी डोर, सीसीटीवी कैमरे या आवश्यक लॉकिंग सिस्टम आदि से लैस कर इसकी रक्षा के लिए उपाय करते हैं। औसतन हम अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा अपने होम लोन का भुगतान करने में खर्च करते हैं। पर बीमा नहीं लेते हैं। होम इंश्योरेंस आग और संबंधित खतरों, चोरी, सेंधमारी, आतंकवाद, आदि के अलावा निर्माण, सामग्री, गहने और क़ीमती सामान और आर्ट वर्क के होने वाले नुकसान से कवरेज प्रदान करता है।

इसके अतिरिक्त, उसमें यदि कोई व्यक्ति किराए पर रह रहा है, तो वह उन सामग्री के लिए बीमा खरीद सकता है जिसे उसने घर में रखा है क्योंकि उसकी संपत्ति चाहे जो भी हो, उसके लिए मूल्यवान है और कोई भी नुकसान उसके वित्तीय नुकसान का कारण बन सकता है।

एक दिन के लिए भी ले सकते हैं बीमा
कुछ होम इंश्योरेंस पॉलिसियां ग्राहकों को 5 साल तक की लंबी अवधि से लेकर 1 दिन की अवधि के लिए पॉलिसी खरीदने का विकल्प भी देती हैं। चक्रवात, बाढ़, तूफान, सूखा, भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से भारत में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे हमारे देश की अर्थव्यवस्था को खतरा पैदा हो रहा है। किसी भी प्राकृतिक आपदा में सबसे बड़ा नुकसान घर का होता है।  

बैंक के लॉकर, यात्रा के समय पहने हुए गहनों का भी ले सकते हैं बीमा

इसी तरह घर पर या बैंक लॉकर में रखे गए गहने को होम इंश्योरेंस के तहत अलग से कवर लिया जा सकता है। आप अपने उस गहने का भी बीमा कर सकते हैं जो आप सिर्फ घर पर ही नहीं, बल्कि दुनिया में कहीं भी यात्रा करते हुए भी पहने हुए हैं। घर के साथ आप सामान जैसे फर्नीचर, कपड़े, सेल फोन, लैपटॉप, टेलीविजन आदि का भी बीमा करा सकते हैं।

पड़ोसी के नुकसान का भी ले सकते हैं बीमा
कई बार आपके घर पर किसी अनहोनी या दुर्घटना के कारण किसी तीसरे व्यक्ति के जीवन या संपत्ति का नुकसान हो सकता है। उदाहरण के लिए- सिलेंडर विस्फोट या शायद आपके घर पर किसी काम से आपके पड़ोसी की संपत्ति को नुकसान हो सकता है। ऐसी सभी दुर्घटनाओं के लिए बीमा लिया जा सकता है। इसके अलावा कुत्ते का बीमा कवर, एटीएम से पैसे के निकालने पर कवर, लॉस्ट वॉलेट कवर, की-एंड-लॉक रिप्लेसमेंट कवर जैसे ऐड-ऑन कवर भी हैं जो आपके घर के लिए व्यापक सुरक्षा प्रदान करते हैं। इसके लिए प्रीमियम 5 रुपये प्रतिदिन जितना कम हो सकता है।

अगर होम इंश्योरेंस लेकर आपने अपनी प्रॉपर्टी को सुरक्षित नहीं कराई तो संभावना है कि कभी एक ही झटके में सारी बनी बनाई बात बिगड़ जाए।