इमरजेंसी फंड रेशियो से समझें कोरोना क्राइसिस से निपटने के लिए आपके पास पर्याप्त पैसों की व्यवस्था है या नहीं

  • विपरीत समय से निपटने के लिए जरूरी है कि आपका मनी मैनेटमेंट सही हो
  • इस विपरीत समय में लोगों की इमरजेंसी फंड ने बहुत मदद की है

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 10:39 AM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस के कारण बाजार में मंदी का दौर जारी है ऐसे में कई लोगों को नौकरी जाने का डर भी सता रहा है। विपरीत समय से निपटने के लिए जरूरी है कि आपका मनी मैनेटमेंट सही हो। इस विपरीत समय में लोगों की इमरजेंसी फंड ने बहुत मदद की है। अगर आप भी इस कठिन समेत में सही मनी मैनेजमेंट अपनाकर निपट सकते हैं। इसके लिए इमर्जेंसी फंड रेशियो का ध्यान रखना जरूरी है। हम आपको इस बारे में बता रहे हैं।

क्या है इमरजेंसी फंड रेशियो?
इमरजेंसी फंड रेशियो को लिक्विडिटी रेशियो भी कहा जाता है। यह एक तरह का पर्सनल फाइनेंस रेशियो है जो यह बताता है कि कोई घर खर्चों को पूरा करने के लिए अपने मौजूदा एसेट को कितनी आसानी से कैश में बदल सकता है। इससे आप अपनी वित्तीय स्थिति का सही अनुमान लगा सकते हैं। 

वित्तीय स्थिति की मिलती है सही जानकारी
इससे पता चलता हैं कि इनकम खत्‍म होने पर आप आपात काल से निपटने के लिए कितना तैयार हैं। अनुपात जितना ज्‍यादा होगा संकट से निपटने में घर की आर्थिक स्थिति उतनी मजबूत होगी। इसके कम होने का मतलब है कि लिक्विड एसेट के मुकाबले खर्च ज्‍यादा हैं।

इसे कैसे करते हैं कैलकुलेट?
इस रेशियो को कैलकुलेट करने के लिए घर के कुल लिक्विड एसेट के मूल्य को कुल मासिक खर्च की रकम से भाग देना पड़ेगा। इस तरह आपको इमरजेंसी फंड रेशियो मिल जाता है। कह सकते हैं कि यह घर के कैश में बदल सकने वाले एसेट और इसके कुल मासिक खर्चों का अनुपात है। यह अनुपात जितना ज्यादा होगा आपकी स्थिति उतनी अच्छी होगी। 

इसे उदहारण से समझें

मान लीजिए आपके पाए करीब 1 लाख रुपए की ऐसी चीजें (एफडी, म्यूचुअल फंड स्कीम्स, गोल्ड या अन्य कोई चीज) हैं जिसे आप जब चाहे नगद में बदल सकते हैं और आपका मासिक खर्चा 20 हजार रुपए है तो ये रेशियो 100000/20000 = 5/1 हुआ। यानी इनकम रुकने पर भी आप 5 महीने तक अपना खर्चा चला सकते हैं। 

इमरजेंसी फंड है जरूरी
अगर किसी वजह से आप आर्थिक संकट के शिकार बन जाते हैं तो आपको अपने घर खर्च के लिए कम से कम 6 महीने के लिए जरूरी रकम एक इमरजेंसी फंड में रखना चाहिए। यह फंड आप बैंक के सेविंग अकाउंट या म्यूचुअल फंड के लिक्विड फंड में बना सकते हैं।