इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए बैंक अकाउंट का प्री-वैलिडेट होना जरूरी, घर बैठे ऑनलाइन ही कर सकते हैं ये काम

  • आप इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर प्री-वैलिडेट कर सकते हैं
  • प्री-वैलिडेशन के अलावा यह भी जरूरी है कि आपका खाता PAN बैंक अकाउंट से लिंक हो

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 10:23 AM IST

नई दिल्ली. अगर आपको अभी तक इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिला है और आपको इसका इंतज़ार है तो जिस बैंक खाते में इनकम टैक्स रिफंड आना है उस बैंक खाते को प्री-वैलिडेट (पहले से सत्यापित) करा लें। इनकम टैक्‍स रिटर्न (ITR) फाइल करने के बाद यदि आपका कोई रिफंड बनता है तो वह आपको इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के सेंट्रलाइज्‍ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) के जरिए मिलता है। इसके लिए जरूरी है कि आपका बैंक अकाउंट प्री-वैलिडेट हो ताकि आपको रिफंड मिलने में देरी न हो। हम आपको बता रहे हैं कि आप किस तरह घर बैठे ऑनलाइन ही अकाउंट को प्री-वैलिडेट कर सकते हैं।

ये हैं खाते को प्री-वैलिडेट करने की प्रोसेस

  • सबसे पहले www.incometaxindiaefiling.gov.in पर जाकर अपना अकाउंट लॉगइन करें। आपका यूजर आईडी आपका PAN होगा।
  • लॉगइन करने के बाद आप प्रोफाइल सेटिंग्स (Profile Settings) टैब पर जाएं और प्रीवैलिडेट योर बैंक अकाउंट (Pre-validate your bank account) ऑप्शन सिलेक्ट करें।
  • अगर आपका कोई दूसरा खाता पहले से ही प्री-वैलिडेटेड है तो वह स्क्रीन पर दिखेगा। वहीं अगर कोई अकाउंट प्री-वैलिडेटेड नहीं है या आप किसी अन्य खाते में रिफंड रिसीव करना चाहते हैं तो ‘ऐड (Add)’ पर क्लिक करें।
  • अब एक नया पेज खुलेगा जिसमें आपको बैंक खाता नंबर, अकाउंट का प्रकार, IFSC, बैंक का नाम, बैंक ब्रांच, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी आदि डीटेल भरने होंगे। यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपको उसी मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के डीटेल देने होंगे जो बैंक में दिए गए हों।
  • प्री वैलिडेट (Pre-Validate)’ पर क्लिक करें। स्क्रीन पर मेसेज आएगा, जिसमें लिखा होगा- आपकी प्री-वैलिडेटिंग बैंक अकाउंट रिक्वेस्ट सबमिट हो गई है। इसका स्टेटस ई-मेल और एसएमएस के जरिए आप तक पहुंच जाएगा।

ऐसे भी चेक कर सकते हैं स्टेटस
आप इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर ‘प्रोफाइल सेटिंग्स (Profile Settings)’ ऑप्शन पर जाकर भी स्टेटस चेक कर सकते हैं। अगर आप ई-फाइलिंग अकाउंट से किसी खाते की डीटेल हटाना चाहते हैं तो आप प्रोफाइल सेटिंग्स (Profile Settings)’ पर जाकर रिमूव (Remove)का ऑप्शन सिलेक्ट कर सकते हैं। अगर आप यह चेक करना चाहते हैं कि किन-किन खातों का प्री-वैलिडेशन फेल हुआ है तो आपको ‘View Failed/removed bank accounts’ पर क्लिक करना होगा। यहां आपको खातों के वैलिडेट न होने की वजह या हटाए जाने की वजह की जानकारी मिल जाएगी।

PAN से अकाउंट का लिंक होना जरूरी
प्री-वैलिडेशन के अलावा यह भी जरूरी है कि आपका खाता पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) बैंक अकाउंट से लिंक हो। अगर ऐसा नहीं है तो रिफंड की रकम आपके खाते में नहीं आएगी। अगर आप रिफंड क्लेम करना चाहते हैं तो बैंक खाते का प्री-वैलिडेशन और PAN से लिंक होना जरूरी है। आयकर विभाग सिर्फ ई-रिफंड जारी करेगा और रिफंड की राशि उन्हीं खातों में आएगी जो PAN से लिंक्ड हों।

24 मई तक 16.84 लाख टैक्सपेयर्स को जारी किया टैक्स रिफंड
24 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 16.84 लाख करदाताओं को 26,424 करोड़ रुपए के टैक्स रिफंड जारी किए हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 21 मई, तक 16,84,298 करदाताओं को 26,242 करोड़ रुपए के टैक्स रिफंड जारी कर दिए हैं। इस अवधि के दौरान रिफंड के रूप में 15,81,906 करदाताओं को 14,632 करोड़ रुपए तथा कॉरपोरेट कर रिफंड के रूप में 1,02,392 करदाताओं को 11,610 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

क्या होता है रिफंड?
कंपनी अपने कर्मचारियों को सालभर वेतन देने के दौरान उसके वेतन में से टैक्स का अनुमानित हिस्सा काटकर पहले ही सरकार के खाते में जमा कर देती है। कर्मचारी साल के आखिर में इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं, जिसमें वे बताते हैं कि टैक्स के रूप में उनकी तरफ से कितनी देनदारी है। यदि वास्तविक देनदारी पहले काट लिए गए टैक्स की रकम से कम है, तो शेष राशि रिफंड के रूप में कर्मचारी को मिलती है।