आरबीआई 3 महीने के लिए बढ़ा सकता है मोराटोरियम पीरियड, 31 अगस्त तक नहीं देनी होगी लोन की किस्त

  • लॉकडाउन बढ़ने के बाद लोन रिपेमेंट मोराटोरियम बढ़ाया जा सकता है
  • एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट में इसकी संभावना जताई गई है

दैनिक भास्कर

May 19, 2020, 11:18 AM IST

मुंबई. लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) लोन की अदायगी पर जारी मोहलत (मोराटोरियम) को और तीन महीनों के लिए बढ़ा सकता है।भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिसर्च रिपोर्ट में यह बात कही गई है। इससे पहले आरबीआई ने मार्च में ही 1 मार्च से 31 मई, 2020 के बीच सभी टर्म लोन के पेमेंट पर तीन महीने की मोहलत दी थी।

एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट इकोरैप के अनुसार, ”लॉकडाउन के 31 मई तक बढ़ने के साथ ही हमें उम्मीद है कि आरबीआई कर्ज अदायगी की मोहलत को तीन महीने के लिए और बढ़ाएगा। ”रिपोर्ट में कहा गया कि तीन और महीनों के लिए कर्ज स्थगन से कंपनियों को 31 अगस्त, 2020 तक भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी।

बैंक मीटिंग में भी उठा था मुद्दा
आरबीआई, बैंकों, एनबीएफसी और एमएफआई के साथ हाल ही में हुई एक बैठक में फर्मों के परिचालन में आ रही कठिनाइयों को देखते हुए कर्ज स्थगन को 3 महीने और बढ़ाने की मांग उठी थी। इसी को देखते हुए आईबीआई मोराटोरियम पीरियड को आगे बढ़ा सकता है। रेटिंग एजेंसी, ICRA की एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 328 कंपनियों ने मोरेटोरियम पीरियड को आगे बढ़ाने की मांग की है।

3 बार बढ़ चुका लॉकडाउन

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने रविवार को कोरोना महामारी के प्रकोप को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की थी। कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का एलान किया था। इसे पहले तीन मई तक और फिर 17 मई तक बढ़ाया गया था।