आम्रपाली के 10 हजार होमबायर्स को अगले साल जून तक मिल सकता है अपना घर, एनबीसीसी ने तेज किया निर्माण कार्य

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनबीसीसी ने अधूरे पड़े फ्लैट्स को पूरा करने का कार्य तेज किया
  • आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में करीब 8500 करोड़ रुपए का खर्च आने का अनुमान

दैनिक भास्कर

Jun 15, 2020, 09:13 AM IST

नई दिल्ली. सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) का कहना है कि उसने आम्रपाली के रुके हुए प्रोजेक्ट्स पर निर्माण कार्य तेज कर दिया है। कंपनी ने अनुमान जताया है कि अगले साल जून तक करीब 10 हजार होमबायर्स को उनका घर मिल जाएगा। जिन प्रोजेक्ट्स को डिलिवर किया जाना है वे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थित हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आई निर्माण में तेजी

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे आम्रपाली के होमबायर्स की बकाया लोन राशि को जल्द से जल्द जारी करें। एनबीसीसी के सीएमडी पीके गुप्ता ने एक इंटरव्यू में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से हजारों होमबायर्स को राहत मिलेगी। यह होमबायर्स कई सालों से अपने घर की राह देख रहे थे। गुप्ता ने कहा कि जैसे ही सुप्रीम कोर्ट फंड उपलब्ध करा देगा, अन्य कई प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। 

इन प्रोजेक्ट को मई-जून 2021 में डिलिवर किया जाएगा

एनबीसीसी के मुताबिक, मई और जून 2021 में जिन प्रोजेक्ट्स को डिलिवर किया जाएगा, उनमें जोडिएक, सेफायर-1, सेफायर-2, सिलिकॉन फेस-1, प्रिंसली एस्टेट, प्लेटिनम एंड टाइटेनियम शामिल हैं। यह सभी प्रोजेक्ट्स नोएडा और ग्रेटर नोएडा में स्थित हैं।

आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट को पूरा करने में 8500 करोड़ रुपए खर्च होंगे

आम्रपाली के रुके पड़े सभी प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में करीब 8500 करोड़ रुपए का खर्च होने का अनुमान है। सुप्रीम कोर्ट की मदद से दो प्रोजेक्ट को पूरा कर दिया गया है। 12,169 यूनिट्स वाले 8 अन्य प्रोजेक्ट को पूरा करने का कार्य चल रहा है। इन प्रोजेक्ट्स पर 618.08 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। गुप्ता ने कहा,”हमें पूरा भरोसा है कि होमबायर्स की ओर से बकाया राशि जमा करने के बाद निर्माण कार्य तेज गति से होगा। इससे होमबायर्स को बड़ी राहत मिलेगी।”

एनबीसीसी को पिछले साल मिली सभी प्रोजेक्ट्स की कमान

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल एनबीसीसी को आम्रपाली के सभी प्रोजेक्ट की कमान लेकर उनको पूरा करने का आदेश दिया था। साथ ही कोर्ट ने आम्रपाली के प्रमोटर्स के खिलाफ जांच करने को भी कहा था। आम्रपाली के प्रमोटर्स पर होमबायर्स का पैसा दूसरे कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप है। एनबीसीसी ने आम्रपाली के 23 हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को अपने हाथ में लिया है।

31,812 यूनिट्स के 11 प्रोजेक्ट के लिए मंगाई निविदा

गुप्ता का कहना है कि एनबीसीसी ने 31,812 यूनिट्स वाले 11 और प्रोजेक्ट्स के लिए निविदा मंगाई हैं। जुलाई में निविदा प्रक्रिया के पूरी होने की उम्मीद है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में 1600 प्रोजेक्ट्स में करीब 4,58,000 हाउसिंग यूनिट्स निर्माण पूरा नहीं होने की वजह से अटकी पड़ी हैं। एनसीआर में यूनिटेक और जेपी के प्रोजेक्ट को सरकार ने टेकओवर कर लिया है। इन प्रोजेक्ट्स से करीब 75 हजार होमबायर्स प्रभावित हो रहे हैं।