आत्मनिर्भर भारत पैकेज के बाद भी चालू वित्त वर्ष में 5% तक घट सकती है भारतीय अर्थव्यवस्था, मंदी की आशंका

  • लॉकडाउन विस्तार, सप्लाई चेन ऑपरेशन में देरी और मजदूरों के लौटने में कमी के चलते रहेगी धीमी रिकवरी
  • चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ज्यादा नुकसान का अनुमान, भविष्य में छुआछूत भी बढ़ने की आशंका

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 10:48 AM IST

नई दिल्ली. भारी-भरकम आत्मनिर्भर प्रोत्साहन पैकेज के बाद भी वित्त वर्ष 2020-21 में भारत की अर्थव्यवस्था में 5 फीसदी तक की कमी हो सकती है। यह अनुमान बुधवार को रेटिंग एजेंसी इक्रा ने जताया। इससे पहले इक्रा ने भारतीय अर्थव्यवस्था में 1 से 2 फीसदी तक घटने का अनुमान जताया था।

पहली तिमाही में ज्यादा कमी आएगी: नायर

इक्रा की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने एक रिपोर्ट में कहा कि हम अनुमान लगा रहे हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में ज्यादा कमी आएगी। इसके लिए अदिति ने लॉकडाउन विस्तार, फुल सप्लाई चेन ऑपरेशन में देरी की आशंका और अपने घरों को लौटने वाले मजदूरों के लौटने की विषम दर को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि भारत में आर्थिक रिकवरी हमारे पहले अनुमान के मुताबिक अधिक सुस्त और गहरी होगी।

चौथी तिमाही में 5.5 फीसदी गिरावट का अनुमान जताया था

रेटिंग एजेंसी इक्रा ने 7 अप्रैल को वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में 4.5 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया था। एजेंसी ने धीरे-धीरे रिकवरी के कारण वित्त वर्ष 2021 में जीडीपी ग्रोथ 2 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। इक्रा ने कोरोना संक्रमण से पहले के अपने अनुमान में तेजी से कटौती की है।

इंडिया इंक पर पड़ेंगे पांच प्रमुख प्रभाव

इक्रा ने अनुमान जताया है कि इंडिया इंक पर कोरोनावायरस के पांच प्रमुख प्रभाव पड़ेंगे। इसमें लगातार रेगूलेटरी प्रतिबंधों से घरेलू मांग में कमी प्रमुख हैं। इसके अलावा भविष्य में कई सेक्टर्स में छुआछूत का भय पैदा हो सकता है। इसके अलावा नौकरी खोने और सैलरी में कटौती से खरीदारी स्थगित होगी और इसका असर कई सेक्टर्स पर लंबे समय तक दिखेगा।

इन सेक्टर्स पर पड़ेगा ज्यादा प्रभाव

  • एविएशन
  • होटल्स
  • रेस्टोरेंट एंड टूरिज्म
  • ऑटो डीलरशिप्स
  • सेरेमिक टाइल्स
  • जेम्स एंड ज्वैलरी
  • रिटेल
  • शिपिंग
  • पोर्ट्स एंड पोर्ट सर्विसेज
  • सीफूड एंड पोल्ट्री
  • माइक्रोफाइनेंस संस्थान

सरकार ने किया है करीब 21 लाख करोड़ के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान

कोरोना आपदा से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने करीब 21 लाख करोड़ रुपए आत्मनिर्मभर भारत प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया है। इसमें गरीब मजदूरों को नकद कैश और अनाज, एमएसएमई को 3 लाख करोड़ रुपए की क्रेडिट गारंटी, एनबीएफसी-एमएफआई को क्रेडिट गारंटी, मनरेगा मजदूरों के लिए अतिरिक्त आवंटन समेत किसानों के लिए कई उपाय किए गए हैं। यह प्रोत्साहन पैकेज भारत की जीडीपी के करीब 10.5 फीसदी के बराबर है।