आईसीसी ने गेंद चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर रोक लगाई, टेस्ट में कोरोना कन्कशन का नियम लागू होगा

  • आईसीसी ने नियमों में जो बदलाव किए हैं, वह इंग्लैंड-वेस्टइंडीज के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से लागू होंगे
  • कोरोना कन्कशन का नियम सिर्फ टेस्ट मैच में लागू होगा, फिलहाल इसे वनडे और टी-20 में नहीं लागू किया जाएगा
  • अनिल कुंबले की अगुआई वाली क्रिकेट कमेटी ने नियमों में बदलाव के यह सुझाव दिए थे

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 07:20 PM IST

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने गेंद को चमकाने के लिए लार के इस्तेमाल पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सीरीज में घरेलू अंपायर के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी है। वहीं, टेस्ट मैच में कोरोना कन्क्शन का नियम लागू होगा यानी किसी खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने की सूरत में उसे रिप्लेस किया जा सकेगा। 

यह सभी सुझाव अनिल कुंबले की अगुआई वाली क्रिकेट कमेटी ने दिए थे। ताकि कोरोनावायरस की वजह से पैदा हुए खतरों को कम किया जा सके। कोरोना कन्कशन को लेकर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने एक प्रस्ताव को आईसीसी को भेजा था। प्रस्ताव में टेस्ट मैच के दौरान किसी खिलाड़ी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उसकी जगह सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारने की बात कही गई थी। हालांकि, यह सिर्फ टेस्ट क्रिकेट में भी अमल में लाया जाएगा। फिलहाल, वनडे और टी-20 में इसे नहीं लागू किया जाएगा।

खिलाड़ी के रिप्लेसमेंट का आधार एक ही होगा। अगर कोई बल्लेबाज कोरोना संक्रमित पाया जाता है तो उसकी जगह बल्लेबाज ही टीम में आएगा। गेंदबाज के मामले में भी ऐसा ही होगा। 

कोरोना संक्रमित होने पर खिलाड़ी आइसोलेट होगा 

खिलाड़ी के कोरोना संक्रमित होने की सूरत में सबसे पहले स्टेडियम में मौजूद कोविड डॉक्टर और इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट को इसकी जानकारी दी जाएगी और फिर संबंधित खिलाड़ी को आइसोलेशन में भेज दिया जाएगा। 

जुलाई में इंग्लैंड-वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज

कोरोना सब्स्टीट्यूट का नियम इंग्लैंड-वेस्टइंडीज के बीच 8 जुलाई से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज में लागू हो सकता है। दोनों देशों के बीच में तीन टेस्ट खेले जाने हैं। इसके लिए विंडीज टीम इंग्लैंड पहुंच गई है। 14 सदस्यीय टीम के अलावा 11 रिजर्व खिलाड़ी भी इंग्लैंड दौरे पर आए हैं। इन्हें तीन हफ्ते के लिए ओल्ड ट्रैफर्ड में रखा जाएगा। यहां ट्रेनिंग के साथ ही खिलाड़ियों को सेल्फ क्वारैंटाइन में रहना होगा।

कब लागू हुआ था कन्कशन सब्स्टीट्यूट?
कन्कशन सब्स्टीट्यूट का नियम पिछले साल अगस्त में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज सीरीज से लागू हुआ था। इसके मुताबिक, मैच के दौरान अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी ले सकेगा। बल्लेबाज के चोटिल होने पर बल्लेबाज और गेंदबाज के साथ ऐसा होने की सूरत में गेंदबाज को ही प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है।कन्कशन सब्स्टीट्यूट को मैदान पर उतारने का फैसला मैच रेफरी करेंगे। इससे पहले सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को सिर्फ फील्डिंग की छूट दी जाती थी। 
फिलिप ह्यूज की मौत के बाद इस पर पहली बार चर्चा हुई
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर फिलिप ह्यूज के निधन के बाद इस नियम को लेकर चर्चाएं शुरू हुईं थीं। ह्यूज को 2014 में शेफील्ड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में सिर पर बाउंसर लगी थी। इसके बाद ह्यूज को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था। अभी इस नियम को 2 साल के लिए ही लागू किया गया है। समीक्षा के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा 

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