आईटी कंपनियों ने पिछले साल नई नौकरियों में 27% की कटौती की, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जॉब ऑफर करने में सबसे पीछे

  • कोरोनावायरस नहीं ऑटोमेशन और कारोबारी मॉडल में बदलाव से नई नौकरियों में कमी आई
  • अब कंपनियों का वर्क फ्रॉम होम पर फोकस, 25/25 फॉर्मूला पर विचार कर रही है टीसीएस

दैनिक भास्कर

May 11, 2020, 04:00 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस संक्रमण के कारण निजी क्षेत्र में नौकरियों का संकट बना हुआ है। लेकिन भारत के आईटी सेक्टर में यह संकट कोरोनावायरस संक्रमण से पहले से ही बना हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2019-20 में देश की टॉप-5 आईटी कंपनियों ने नई नौकरियों में औसतन 27 फीसदी की कटौती की है।

जॉब कटौती में टेक महिंद्रा सबसे आगे
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वित्त वर्ष में नई नौकरियों में कटौती करने में आईटी कंपनी टेक महिंद्रा और इंफोसिस सबसे आगे रही हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में टेक महिंद्रा ने 4154 नए लोगों को नौकरी दी, जबकि वित्त वर्ष 2018-19 में 8275 लोगों को नौकरी दी गई थी। इस प्रकार टेक महिंद्रा ने 49.80 फीसदी कम नई नौकरियां दीं। वहीं इंफोसिस ने वित्त वर्ष 2018-19 की 24,016 के मुकाबले वित्त वर्ष 2019-20 में 14,248 यानी 40.67 फीसदी कम नई नौकरियां दीं।

नई नौकरी देने में विप्रो का रिकॉर्ड बेहतर
वित्त वर्ष 2019-20 में नई नौकरी देने के मामले में विप्रो का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। विप्रो ने इस वित्त वर्ष में 11461 लोगों को नौकरी दी है जो पिछले साल की 11502 नौकरियों से मात्र 0.36 फीसदी कम है। देश की टॉप 5 आईटी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2018-19 की 87331 नई नौकरियों के मुकाबले वित्त वर्ष 2019-20 में 64260 नई नौकरियां दी हैं।

कोरोनावायरस से ज्यादा ऑटोमेशन का पड़ा असर
जानकारों का कहना है कि आईटी सेक्टर में नई नौकरियों में कमी के लिए कोरोनावायरस जिम्मेदार नहीं है। इसका कारण यह है कि भारत में कोरोनावायरस संक्रमण मार्च की शुरुआत में बड़े स्तर पर सामने आया था। जानकारों के मुताबिक ऑटोमेशन और कारोबारी मॉडल में बदलाव की वजह से नई नौकरियों में कमी आई है।

अब कंपनियों का वर्क फ्रॉम होम पर फोकस
कोरोना संक्रमण को देखते हुए अब आईटी कंपनियों ने वर्क फ्रॉम होम पर फोकस करना शुरू कर दिया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 2025 से 25/25 का फॉर्मूला अपनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत कंपनी के केवल 25 फीसदी कर्मचारी ही एक बार में ऑफिस में रहेंगे और वे केवल 25 फीसदी समय ही डेस्क पर बिताएंगे। वहीं, इंफोसिस और टेक महिंद्रा का कहना है कि आवश्यकता के अनुसार हायरिंग की जाएगी।

टॉप-5 आईटी कंपनियों की पिछले वित्त वर्ष में नई नौकरियों की स्थिति

कंपनी 2018-19 में दी नौकरियां 2019-20 में दी नौकरियां नौकरियों में गिरावट
टेक महिंद्रा 8,275 4,154 49.80%
इंफोसिस 24,016 14,248 40.67%
एचसीएल टेक्नोलॉजीज 14,249 10,218 28.20%
टीसीएस 29,289 24,179 17.45%
विप्रो 11,502 11,461 0.36%