आईटीसी के शेयरों में 4 फीसदी तक का उछाल, कंपनी को चौथी तिमाही में 3793 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था

  • मार्च तिमाही में आईटीसी का रेवेन्यू 6 फीसदी गिरकर 11,420 करोड़ रुपए रहा
  • कोरोना के कारण कंपनी के होटल, स्टेशनरी और एजुकेशन कारोबार प्रभावित हुआ

दैनिक भास्कर

Jun 29, 2020, 12:52 PM IST

मुंबई. वित्त वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही में मुनाफे के कारण आईटीसी लिमिटेड के शेयरों में सोमवार को तेजी रही। शुरुआती कारोबार में बीएसई में आईटीसी के शेयर 4.10 फीसदी की तेजी के साथ 203.10 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच गए। वहीं निफ्टी में 3.99 फीसदी की तेजी के साथ यह 203 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार करते देखे गए।
हालांकि, शेयर बाजारों की गिरावट के कारण यह तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। दोपहर 12.35 बजे आईटीसी का शेयर बीएसई में 1.85 फीसदी की तेजी के साथ 198.70 रुपए प्रति शेयर और निफ्टी में 1.74 फीसदी की तेजी के साथ 198.60 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं।

चौथी तिमाही में 9 फीसदी का शुद्ध लाभ

आईटीसी को चौथी तिमाही में 3,793 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ है। एक साल पहले हुए 3,481 करोड़ रुपए के लाभ की तुलना में यह 9 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने 10.15 रुपए के डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी ने शुक्रवार को जारी वित्तीय परिणाम में बताया कि उसका रेवेन्यू 11,420 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले समान अवधि में यह 12,206 करोड़ रुपए था। इसमें 6 फीसदी की गिरावट आई है। कंपनी का एबिट्डा (अर्निंग बिफोर टैक्स, डिप्रीसिएशन) 4,163 करोड़ रुपए रहा है। इसकी मार्जिन 36.5 फीसदी रही है। कंपनी ने बताया कि सिगरेट बिजनेस से रेवेन्यू 5,130 करोड़ रुपए रहा है। एक साल पहले यह 5,485.92 करोड़ रुपए था।

फरवरी के बाद कंपनी के बिजनेस पर पड़ा असर

आईटीसी ने वित्तीय नतीजे जारी करते हुए कहा कि चौथी तिमाही की शुरुआत मे बिजनेस ठीक रहा, पर बाद में कोविड ने अचानक स्थिति को बदल दिया। कंपनी ने कहा कि कोविड से होटल्स, स्टेशनरी और एजुकेशन पर असर दिखा है। यह स्कूल की शुरुआत के समय दिखा है जो पीक सीजन होता है। कंपनी ने कहा कि फरवरी तक स्टेशनरी और एजुकेशन बिजनेस मे मजबूत वृद्धि दिखी थी। लेकिन मार्च महीने में इस पर असर दिखा। यह पीक सीजन होता है लेकिन इसी दौरान शैक्षणिक संस्थान बंद हो गए। साथ ही नया अकादमिक सेशन भी इससे प्रभावित हुआ है। कंपनी ने कहा कि होटल बिजनेस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, मार्च से इस पर भी कोरोना का असर दिखा है।