आईओसी प्रमुख बोले- टोक्यो ओलिंपिक के लिए 2021 ही आखिरी विकल्प, इसे और आगे नहीं बढ़ा सकते

  • इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के प्रमुख थॉमस बाख ने कहा- कोरोनावायरस के कारण ओलिंपिक रद्द हो सकते हैं
  • कोरोनावायरस के कारण इस साल होने वाला टोक्यो ओलिंपिक टला, अब 23 जुलाई से 8 अगस्त 2021 तक होंगे

दैनिक भास्कर

May 21, 2020, 03:51 PM IST

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (आईओसी) के प्रमुख थॉमस बाख ने कहा है कि 2021 ही टोक्यो ओलिंपिक का आखिरी विकल्प है। इसे और आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। बाख ने बीबीसी को बताया कि वह जापान के इस रुख से सहमत है कि यदि अगले साल तक कोरोनोवायरस महामारी पर काबू नहीं पाया गया तो खेलों को रद्द करना पड़ेगा।

कोरोनावायरस के कारण टोक्यो ओलिंपिक को टाल दिया गया है। यह गेम्स इसी साल जुलाई में होने थे, लेकिन अब 2021 में 23 जुलाई से 8 अगस्त के बीच होंगे। गुरुवार तक दुनियाभर में 51.3 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित पाए गए। 3 लाख 29 हजार 925 लाख लोगों की मौत हो गई है। जापान में 16 हजार 367 संक्रमित हैं, जबकि 768 लोगों की मौत हो चुकी है।

ऐसे हालात में अंतरराष्ट्रीय खेल होना मुश्किल
बाख ने कहा, ‘‘मैं जापान की ओलिंपिक कमेटी की समस्या को समझता हूं। आप हमेशा के लिए 3,000, या 5,000 लोगों को रोजगार नहीं दे सकते हैं। आप हर साल दुनियाभर में पूरे खेल कार्यक्रम को नहीं बदल सकते। दुनियाभर के फेडरेशनों के लिए ऐसा करना हमेशा संभव नहीं है। आप एथलीटों को अनिश्चितता में नहीं रख सकते हैं।’’

‘ओलिंपिक के लिए 14 महीने बाकी, सही समय पर उचित फैसला लेंगे’
हाल ही में बाख और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ट्रेड्रोस एडनोम गेब्रेयेसस के बीच एक समझौता हुआ था। इसके मुताबिक, खेलों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा। बाख ने कहा था, ‘‘टोक्यो गेम्स से पहले हमारे पास एक साल और दो महीने का समय बाकी है। डब्ल्यूएचओ की सलाह ली जा रही है। आईओसी और डब्ल्यूएचओ की टास्क फोर्स मिलकर काम कर रही है। मेरा मानना है कि जुलाई 2021 में दुनिया कैसी होगी, इस बात का सही जवाब कोई नहीं दे पाएगा। हमें धैर्य रखने के साथ ही परिस्थितियों पर नजर रखनी चाहिए।’’

अगले साल ओलिंपिक नहीं हो पाएंगे: कोरोना एक्सपर्ट
जापान के कोरोना एक्सपर्ट केंतारो इवाता ने पिछले महीने ही निराशा जाहिर करते हुए कहा था कि अगले साल भी गेम्स का होना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा था, ‘‘यदि मैं ईमानदारी के साथ कहूं, तो मुझे नहीं लगता कि अगले साल ओलिंपिक हो पाएंगे। फिलहाल, गेम्स को कराने के लिए सिर्फ दो ही विकल्प मौजूद हैं। पहला है कि हम जापान में वायरस को कंट्रोल करें, जबकि दूसरा है कि दुनियाभर में फैली महामारी पर लगाम लगाएं। क्योंकि, आप दुनियाभर से एथलीट्स और दर्शकों को आमंत्रित करेंगे।’’

‘वैक्सीन के बगैर ओलिंपिक होना मुश्किल’
हाल ही में ग्लोबल हेल्थ साइंटिस्ट ने कहा था कि कोरोना की वैक्सीन के बगैर टोक्यो ओलिंपिक होना मुश्किल है। आईओसी कोआर्डिनेशन कमीशन के अध्यक्ष जॉन कोट ने स्वीकार किया था कि कोरोनावायरस री-शेड्यूल हुए ओलिंपिक को प्रभावित कर सकता है। वहीं, एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के ग्लोबल हेल्थ के अध्यक्ष और प्रोफेसर देवी श्रीधर ने कहा था, ‘‘ओलिंपिक के समय पर होने के लिए वैक्सीन जरूरी है। बगैर वैक्सीन के गेम्स का होना असंभव है।’’

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