आईएलएंडएफएस ने गिफ्ट सिटी की 50 फीसदी हिस्सेदारी गुजरात सरकार को बेची, इससे कंपनी का कर्ज 1200 करोड़ रुपए कम हुआ

  • गिफ्ट सिटी में आईएलएंडएफएस ग्रुप और जीयूडीसीएल की 50-50% हिस्सेदारी थी
  • इस खरीदारी के बाद जीयूडीसीएल की हिस्सेदारी बढ़कर 75 फीसदी हुई
  • आईएलएंडएफएस ग्रुप पर अभी 94 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 05:29 PM IST

नई दिल्ली. कर्ज के बोझ तले दबी कंपनी आईएलएंडएफएस ने सोमवार को कहा कि गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (गिफ्ट सिटी) में 50 फीसदी हिस्सेदारी गुजरात सरकार को बेचने के प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस बिक्री से कंपनी को शेयरों के इक्विटी मूल्य के रूप में 32.71 करोड़ रुपए मिले हैं।

गुजरात अर्बन डवलपमेंट कंपनी लिमिटेड ने खरीदी हिस्सेदारी

कंपनी की ओर से जानकारी के अनुसार गुजरात सरकार की ओर से गिफ्ट सिटी की यह हिस्सेदारी गुजरात अर्बन डवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (जीयूडीसीएल) ने यह खरीदारी की है। आईएलएंडएफएस ने कहा है कि इस हिस्सेदारी बिक्री से उसे 1230 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटिड कर्ज कम करने में मदद मिली है। आईएलएंडएफएस ग्रुप पर अभी 94 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बकाया है। कंपनी के मुताबिक, इस हिस्सेदारी बिक्री को पिछले महीने ही नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) ने मंजूरी दी थी। 

गिफ्ट सिटी में 50 फीसदी की हिस्सेदार है जीयूडीसीएल

जीयूडीसीएल गिफ्ट सिटी की संयुक्त भागीदार है। गिफ्ट सिटी में जीयूडीसीएल और आईएलएंडएफएस की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी थी। गिफ्ट सिटी से संयुक्त उपक्रम समझौते के तहत ही जीयूडीसीएल ने आईएलएंडएफएस से 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है। बयान में कहा गया है कि आईएलएंडएफएस ग्रुप के रेज्योलूशन फ्रेमवर्क के अनुसार, पहले जीयूडीसीएल के ऑफर को ग्रुप की कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) के सामने रखा गया। सीओसी में करीब 80.09 फीसदी वोट इस प्रस्ताव के पक्ष में पड़े।

गांधीनगर के पास स्थित है गिफ्ट सिटी

गिफ्ट सिटी भारत की पहली फिनटेक सिटी है और यहां पर देश का पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र बनाया गया है। इस सिटी की स्थापना अहमदाबाद-गांधीनगर के पास की गई है। इस गिफ्ट सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, इन्वेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट से संबंधित कंपनियों को बसाने की योजना है।