अब स्पीकर, हेड फोन और जूतों जैसे कम कीमत वाले प्रोडक्ट की खरीदी के लिए भी ग्राहक ले रहे हैं ईएमआई का सहारा

  • रिटेलर्स और बैंकों के क्रेडिट कार्ड के उपयोग के रुझान में मिली जानकारी
  • एचडीएफसी बैंक ने डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी ईएमआई देना शुरू किया है

दैनिक भास्कर

Jun 10, 2020, 08:57 PM IST

मुंबई. ग्राहक अब कम कीमत वाले उत्पादों की खरीदी के लिए भी ईएमआई का सहारा ले रहे हैं। रिटेलर्स, ऑनलाइन बाजार और बैंकों के क्रेडिट कार्ड के उपयोग के रुझान से यह जानकारी सामने आई है। जिन उत्पादों के लिए किश्तों में भुगतान किया जा रहा है उसमें मिक्सर-ग्राइंडर, बर्तन, स्पीकर, हेडफोन, घरेलू उत्पादों और जूतों के साथ-साथ बिलों का भुगतान का समावेश है।

सैलरी कट होने, बेरोजगार होने से बढ़ा चलन

जानकारों ने कहा कि सैलरी कट होने, नौकरी गंवाने, आय कम होने से ग्राहक एकमुश्त नकदी खरीद से बच रहे हैं। इसके अलावा भविष्य में नौकरियां खोने के डर से ग्राहकों के व्यवहार में बड़ा बदलाव आया है। रिटेल विक्रेताओं और बैंकों ने कहा कि ग्राहक अब क्रेडिट कार्ड का ज्यादा सहारा ले रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एनबीएफसी ने लोन की योजनाओं को और सख्त कर दिया है।

एनबीएफसी इसके जरिए वापसी कर रही हैं

कोरोना के समय में पहले की तुलना में कार्ड पर फाइनेंसिंग पिछले महीने 30-40 प्रतिशत तक बढ़ी है। एनबीएफसी एक बार फिर अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही हैं। टाटा की रिटेल चेन क्रोमा के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर रितेश घोषाल ने कहा कि क्रेडिट कार्ड फाइनेंस से हम फिर से वापसी कर रहे हैं। घोषाल ने कहा कि होम अप्लायंसेस के कम कीमत वाले उत्पाद लोग खरीद रहे हैं। लंबे समय का ईएमआई ले रहे हैं।

बढ़ रहा है ईएमआई पर लेन-देन 

कोटक महिंद्रा बैंक के कंज्यूमर असेट्स के अध्यक्ष अंबुज चांदना ने कहा कि कोरोना के बाद ईएमआई वाले लोन की ग्राहकों में अधिक मांग देखी गई है। विजय सेल्स सहित कई रिटेलर्स ने कहा कि अब ज्यादातर ग्राहक ईएमआई पर सामान खरीदना चाहते हैं। पहले 50-60 प्रतिशत लोग किश्त पर खरीदी करते थे। विजय सेल्स के निदेशक निलेश गुप्ता ने कहा कि कार्ड पर ईएमआई के साथ लेनदेन 60 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गया है। कोहिनूर के सीईओ विशाल मेवानी ने कहा कि छोटी कीमतों के सामान की लिए भी फाइनेंसिंग की भारी मांग है।

मई में कम हो गई थी ईएमआई की बिलिंग

पाइन लैब्स की बिक्री डेटा के अनुसार, ईएमआई के माध्यम से बिकने वाले मोबाइल फोन की औसत बिलिंग मई में 25 प्रतिशत तक डाउन हो गई थी। भारत के दो सबसे बड़े ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस फ्लिपकार्ट और अमेजन ने कहा कि फाइनेंसिंग ऑप्शंस में उछाल आया है। फ्लिपकार्ट ने कहा ग्राहक डिजिटल पेमेंट अपना रहे हैं। इसलिए ऐसा रुझान दिख रहा है। यहां तक कि अरविंद ब्रांड्स जैसे लाइफस्टाइल रिटेलर्स कार्ड पर ईएमआई दे रहे हैं। एमडी हरकीरत सिंह ने कहा कि वुडलैंड अब 3000 रुपए की बिलिंग पर भी ईएमआई दे रहा है।

लोग मोराटोरियम की बजाय ईएमआई पसंद कर रहे हैं

बैंकों ने कहा कि लोगों ने मोराटोरियम की बजाय ईएमआई को ज्यादा पसंद किया है। बैंकिंग अधिकारियों ने कहा कि कई क्रेडिट कार्ड ग्राहक अपने मासिक बिल को 6-24 महीने के लिए ईएमआई में 12-18 प्रतिशत ब्याज पर बदल रहे हैं। एचडीएफसी बैंक ने डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी ईएमआई देना शुरू कर दिया है। इस समय ज्यादातर एनबीएफसी की स्कीम में कोई डाउन पेमेंट स्कीम शामिल नहीं है। जिससे ग्राहक ईएमआई को पसंद कर रहे हैं।