अब कंटेट की दुनिया में कदम रखने की तैयारी में मुकेश अंबानी, ओटीटी प्लेटफाॅर्म Netflix के साथ होगा करार

  • भारत में डिजिटल कंटेंट की मांग बढ़ी है
  • नेटफ्लिक्स के सब्सक्राइवर बेस का फायदा मिलेगा

दैनिक भास्कर

Jun 15, 2020, 12:13 PM IST

नई दिल्ली. महज तीन साल पुरानी जियो द्वारा पिछले 8 हफ्तों में 10 निवेशकों द्वारा 1.04 लाख करोड़ रुपए जुटाने के बाद अब एक नई योजना पर मुकेश अंबानी काम कर रहे हैं। खबर है कि वे स्ट्रीमिंग कंपनी नेटफ्लिक्स के साथ टाईअप करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए मुकेश अंबानी की मीडिया कंपनी नेटवर्क 18 नेटफ्लिक्स के साथ बात कर रही है। इसके तहत दोनों के बीच कई सालों की भागीदारी होगी और बाद में भारतीय दर्शकों के लिए कंटेंट को सोर्स किया जाएगा।  

नेटप्लिक्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी

कोरोना संकट से निपटने के लिए लागू लाॅकडाउन के दौरान नेटप्लिक्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इसके चलते नेटफ्लिक्स की कमाई बढ़ने के साथ ही उसके सब्सक्राइबर बेस में बेतहाशा इजाफा दर्ज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 की पहली तिमाही में नेटफ्लिक्स के सब्सक्राइबर्स की संख्या में करीब 1.6 करोड़ का इजाफ दर्ज किया गया है। नेटफ्लिक्स के कुल 182.8 मिलियन (18.2 करोड़) सब्सक्राइबर हैं, जो कि दुनिया के किसी भी एंटरटेनमेंट सर्विस के मुकाबले कहीं ज्यादा हैं। 

नेटफ्लिक्स की सर्विस का बढ़ेगा दायरा 

इस पार्टनरशिप के तहत नेटवर्क-18 नेटफ्लिक्स के लिए प्रोग्राम्स और शो को प्रोड्यूस करेगी और पूरे देश में अपना विस्तार करेगी। माना जा रहा है कि डील के तहत रिलायंस नेटफ्लिक्स के लिए 10 शो प्रोड्यूस कर सकती है। नेटफ्लिक्स की बातचीत वायकॉम-18 से हो रही है जो नेटवर्क-18 के साथ जॉइंट वेंचर में है। वायकॉम-18 रिलायंस जियो की सब्सिडियरी कंपनी है। इससे नेटफ्लिक्स की सर्विस का दायरा बढ़ेगा और नेटवर्क-18 को रेवेन्यू बढ़ाने का मौका मिलेगा।

डिजिटल कंटेंट कारोबार में मजबूत तैयारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो प्लेटफॉर्म को लगातार नए निवेशक मिल रहे हैं। जिन कंपनियों को अब तक जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी बेची गई उसमें फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबादला, एडीआईए और आज को मिलाकर टीपीजी का समावेश है। यह निवेश 22 अप्रैल से शुरू हुआ जिसमें फेसबुक ने 9.99 प्रतिशत के साथ सबसे पहले और सबसे ज्यादा हिस्सेदारी को खरीदकर शुरुआत की। टीपीजी की स्थापना 1992 में हुई थी और इसका एयूएम 79 अरब डॉलर है। बता दें कि टीपीजी उबर, एयरबीएनबी और सर्वेमंकी विश्व की टॉप टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेशक हैं। टीपीजी की पिछले कुछ हफ्तों से बातचीत हो रही थी।