अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना; कोरोना क्राइसिस में चली गई है नौकरी तो न हों परेशान, दो साल तक सरकार देगी भत्ता

  • कर्मचारी राज्य बीमा निगम की इस योजना के तहत नौकरी जाने पर सरकार की ओर से भत्ता दिया जाता है
  • इस स्कीम के तहत राहत के लिए क्लेम बेरोजगार होने के तीन महीने बाद देय होगा

दैनिक भास्कर

Jun 18, 2020, 09:27 AM IST

नई दिल्ली. अगर कोरोना क्राइसिस के कारण आपकी नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है तो अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना के तहत नौकरी जाने पर सरकार 24 महीने तक आपकी आर्थिक सहायता करती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए योजना में आपका रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

कौन ले सकता है इसका लाभ?
आप प्राइवेट सेक्टर (आर्गनाइज्ड सेक्टर) में नौकरी करते हैं और आपकी कंपनी PF/ESI हर महीने आपके वेतन से काटती है तो आपको इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित 78 दिन का योगदान आवश्यक है। यानी बेरोजगारी के पहले अंशदान की अवधि में कम से कम 78 दिनों का अंशदान किया गया होना जरूरी है। इस स्कीम के तहत राहत के लिए क्लेम बेरोजगार होने के तीन महीने बाद देय होगा।

एक ही बार ले सकते हैं इसका लाभ 
अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना का लाभ कर्मचारी जीवन में एक बार ही ले सकता है यदि बीमित व्यक्ति एक बार सर्विस गैप के दौरान इस योजना का लाभ ले लेता है तो वह दोबारा नहीं ले सकता है। बीमित व्यक्ति को राहत का दावा करने की अवधि के दौरान बेरोजगार होना चाहिए। बेरोजगार व्यक्ति को ये लाभ उसकी पिछले 90 दिनों की औसत आय के 25 फीसदी (हर महीने) के बराबर दिया जाएगा। 

कैसे कराएं इसके लिए रजिस्ट्रेशन

  • इसका लाभ लेने के लिए आप ESIC की बेवसाइट पर जाकर अटल बीमित व्‍यक्ति कल्‍याण योजना का फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। 
  • https://www.esic.nic.in/attachments/circularfile/93e904d2e3084d65fdf7793e9098d125.pdf
  • इस फॉर्म को भरकर आपको कर्मचारी राज्य बीमा निगम की किसी नजदीकर ब्रांच में जमा करना होगा। 
  • इस फॉर्म के साथ 20 रुपए का नॉन-ज्‍यूडिशियल स्टांप पेपर पर नोटरी से एफिडेविड भी देना होता है। 
  • इसमें AB-1 से लेकर AB-4 फॉर्म जमा करवाया जाएगा। 

गलत आचरण के कारण नौकरी जाने पर नहीं मिलेगा फायदा
उन लोगों को स्‍कीम का फायदा नहीं मिलेगा जिन्‍हें गलत आचरण की वजह से कंपनी से निकाला गया है। इसके अलावा आपराधिक मुकदमा दर्ज होने या स्वेच्छा से रिटायरमेंट (VRS) लेने वाले कर्मचारी भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।